बक्सर, 13 दिसंबर 2025: आंखों की रोशनी लौटाने की मुहिम में बक्सर शहर को एक बड़ा तोहफा मिला है। गुजरात के राजकोट स्थित श्री रणछोड़दासजी बापू चेरिटेबल आई हॉस्पिटल ने जिले में अपना पहला निशुल्क मोतियाबिंद शिविर लगाने का ऐलान किया है। यह शिविर शहर के श्री रणछोड़दासजी बापू चेरिटेबल हॉस्पिटल के परिसर में 15 से 17 दिसंबर तक चलेगा। अस्पताल की ओर से इसे बक्सर का सबसे बड़ा शिविर बताया गया है, जहां सैकड़ों मरीजों का मुफ्त चेकअप, ऑपरेशन और दवाइयां उपलब्ध होंगी। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह वरदान साबित होगा, क्योंकि मोतियाबिंद जैसी बीमारी से जूझते लोग अक्सर इलाज के अभाव में अंधेरे में जीने को मजबूर हो जाते हैं।

श्री रणछोड़दासजी बापू चेरिटेबल हॉस्पिटल, जो सद्गुरु श्री रणछोड़दासजी महाराज के आशीर्वाद से चलता है, आंखों के इलाज में विशेषज्ञता रखता है। राजकोट में स्थित यह अस्पताल पिछले कई दशकों से निशुल्क शिविरों के जरिए हजारों लोगों की सेवा कर रहा है। बक्सर में पहली बार आयोजित हो रहे इस शिविर का उद्देश्य स्थानीय लोगों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। अस्पताल के चेयरमैन ने कहा, “मोतियाबिंद एक ऐसी बीमारी है जो उम्र बढ़ने के साथ आम हो जाती है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बक्सर का निवासी इलाज के अभाव में अपनी रोशनी न खोए।” शिविर में 10 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों की टीम तैनात रहेगी, जो फॉको एमल्सिफिकेशन तकनीक से ऑपरेशन करेंगे। मरीजों को मुफ्त आई ड्रॉप्स, चश्मा और फॉलो-अप चेकअप भी दिए जाएंगे।

शिविर की तैयारियां जोरों पर हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय एनजीओ के सहयोग से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा यह आयोजन, जहां पहले दिन स्क्रीनिंग, दूसरे दिन ऑपरेशन और तीसरे दिन डिस्चार्ज होगा। अस्पताल की ओर से अपील की गई है कि मोतियाबिंद के लक्षण – जैसे धुंधला दिखना, रंगों का फीका पड़ना या रात में परेशानी – महसूस करने वाले लोग तुरंत संपर्क करें। एक बुजुर्ग निवासी ने कहा, “हमारे जैसे गरीबों के लिए यह शिविर भगवान का दिया तोहफा है। पहले तो इलाज का खर्च ही आंखों पर भारी पड़ जाता था।” बक्सर में मोतियाबिंद के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां जागरूकता की कमी है। इस शिविर से कम से कम 200 मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
श्री रणछोड़दासजी बापू चेरिटेबल हॉस्पिटल की यह पहल बिहार के अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनेगी। अस्पताल का इतिहास श्री रणछोड़दासजी महाराज की सेवा भावना से जुड़ा है, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए समर्पित थे। राजकोट में यह अस्पताल आंखों के अलावा अन्य नेत्र रोगों का भी इलाज करता है। बक्सर में शिविर के लिए विशेष रूप से डॉक्टरों की टीम गुजरात से आई है। जिला मजिस्ट्रेट ने इस आयोजन की सराहना की और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ऐसे सहयोग महत्वपूर्ण हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

यह शिविर न केवल मेडिकल मदद देगा, बल्कि जागरूकता भी फैलाएगा। लोग समझेंगे कि मोतियाबिंद का समय पर इलाज संभव है और यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। बक्सर के लोग उत्साहित हैं, क्योंकि शहर में इतना बड़ा निशुल्क शिविर पहली बार लग रहा है। यदि आप या आपके किसी परिचित को इसकी जरूरत है, तो देर न करें। रोशनी लौटाने का यह मौका हाथ से न जाने दें। अस्पताल की सेवा भावना से बक्सर रोशन होगा।
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