बक्सर को मिली नई जिलाधिकारी: 2018 बैच की आईएएस सहिला ने संभाला पदभार, सुशासन और विकास को दी प्राथमिकता

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बक्सर, 12 दिसंबर 2025: बिहार के बक्सर जिले में प्रशासनिक स्तर पर एक नया अध्याय शुरू हो गया है। 2018 बैच की तेजतर्रार आईएएस अधिकारी सहिला ने गुरुवार को जिलाधिकारी के रूप में पदभार संभाल लिया। पूर्व जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह से जिम्मेदारी ग्रहण करते हुए उन्होंने सुशासन और जिले के समग्र विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उनका यह आगमन स्थानीय लोगों में नई उम्मीदें जगाने वाला साबित हो रहा है, खासकर उन मुद्दों पर जो लंबे समय से जिले को परेशान कर रहे हैं।

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समाहरणालय परिसर में आयोजित एक सादगी भरे लेकिन गरिमामय समारोह में सहिला ने पदभार लिया। समारोह में जिला स्तर के सभी अधिकारी, कर्मचारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद रहे। संयुक्त सचिव (EDC) आलमा मुख्तार ने कार्यक्रम का संचालन किया। सहिला का स्वागत फूलमालाओं और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हुआ, जो उनके आने से जिले में सकारात्मक बदलाव की आशा को दर्शाता है। डॉ. विद्यानंद सिंह ने जाते-जाते सहिला को जिले की चुनौतियों और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया, जिससे नई डीएम को काम की शुरुआत में मजबूत आधार मिला।

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कार्यभार संभालते ही सहिला ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बक्सर का विकास टीम भावना से ही संभव है। “सुशासन का मतलब है पारदर्शिता और जवाबदेही। हम हर विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेंगे, ताकि कानून-व्यवस्था मजबूत हो और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” उन्होंने जनसुनवाई को और प्रभावी बनाने, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने और जरूरतमंदों की मदद पर जोर दिया। सहिला ने कहा, “जिले के लोग हमारा सबसे बड़ा सहयोगी हैं। यदि हम सब मिलकर काम करें, तो बक्सर न केवल विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा, बल्कि एक आदर्श जिला बनेगा।”

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सहिला की पृष्ठभूमि भी उतनी ही प्रेरणादायक है जितनी उनकी प्रतिबद्धता। 2018 बैच की यह आईएएस अधिकारी इससे पहले शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षा निदेशक के रूप में सेवा दे रही थीं। उनके कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव देखे गए, जैसे स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और शिक्षकों की क्षमता निर्माण। बिहार कैडर की सहिला ने अपनी शिक्षा थापर यूनिवर्सिटी से बी.टेक इन इंस्ट्रूमेंटेशन में पूरी की है। उनका यह अनुभव बक्सर जैसे कृषि-प्रधान जिले के लिए फायदेमंद साबित होगा, जहां शिक्षा और विकास के क्षेत्र में अभी भी काफी काम बाकी है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि एक महिला अधिकारी का आना जिले के लिए सुखद है। एक बुजुर्ग निवासी ने बताया, “पिछली महिला डीएम सुजाता चतुर्वेदी के समय भी कई अच्छे काम हुए थे। उम्मीद है सहिला जी भी महिलाओं और बच्चों के मुद्दों पर विशेष ध्यान देंगी।” व्यापारियों का मानना है कि सुशासन से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि किसान विकास योजनाओं से लाभान्वित होंगे। बक्सर, जो गंगा किनारे बसा एक महत्वपूर्ण जिला है, यहां बाढ़, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में चुनौतियां हैं। सहिला की प्राथमिकताएं इन्हीं मुद्दों को संबोधित करती नजर आ रही हैं।

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यह नियुक्ति बिहार सरकार के हालिया बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है, जिसमें 13 जिलों में नए जिलाधिकारी बनाए गए। सहिला का बक्सर आना न केवल जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि विकास की रफ्तार को भी तेज करेगा। आने वाले दिनों में उनकी योजनाओं पर नजर रहेगी, लेकिन शुरुआत ही इतनी सकारात्मक है कि जिले के लोग उत्साहित हैं। यदि सहिला अपनी प्रतिबद्धता पर अमल करेंगी, तो बक्सर जल्द ही बिहार का मॉडल जिला बन सकता है।

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