बक्सर के अहियापुर गांव में 24 मई 2025 को हुए अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया। इस निर्मम हत्याकांड में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या और दो अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने 28 मई 2025 को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस मार्मिक मुलाकात में विधवाओं और बच्चों की व्यथा देखकर पप्पू यादव भावुक हो गए और उन्होंने केंद्र व बिहार सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। यह लेख इस घटना, पप्पू यादव की प्रतिक्रिया, और बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डालता है।

24 मई 2025 को बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव में अवैध बालू खनन के विवाद में हुई गोलीबारी में सुनील सिंह, विनोद सिंह, और वीरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि पूजन सिंह और मंटू सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। प्राथमिकी में 19 लोगों को नामजद किया गया, जिसमें पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज यादव और पूर्व उपाध्यक्ष संतोष यादव शामिल हैं। इस घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई, और पुलिस ने क्षेत्र को छावनी में बदल दिया। X पर वायरल वीडियो में दिखा कि बेटियों के सामने उनके पिता को गोली मारी गई, जिसने सामाजिक आक्रोश को और भड़काया।
पप्पू यादव की पीड़ितों से मुलाकात
28 मई 2025 को सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) अहियापुर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिले। वहां का दृश्य हृदयविदारक था—विधवाएं और छोटे बच्चे उनके पैर पकड़कर रोने लगे। कुछ महिलाएं भावुक होकर बेहोश हो गईं। पप्पू यादव ने X पर लिखा, “एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया गया। घर में अब कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा, सब बच्चे और एक CRPF जवान! क्या होगा इस परिवार का?” इस मुलाकात में वे स्वयं आंसुओं को रोक नहीं पाए और पीड़ितों के दुख में शामिल हुए। उनकी यह संवेदनशीलता उनकी जन-नेता की छवि को और मजबूत करती है। पप्पू यादव ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।

पप्पू यादव की मांगें और सरकार पर हमला
पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए हर पीड़ित परिवार के लिए एक लाख रुपये मुआवजा, एक सरकारी नौकरी, और पूर्ण सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि अपराधियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को “विभीषण” कहकर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया और पूछा, “क्या केवल यादव होने से ही न्याय मिलेगा?” पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी मनोज यादव और संतोष यादव पहले से कुख्यात हैं, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हुई। जागरण की रिपोर्ट में भी इस संरक्षण की चर्चा है।
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राजनीतिक संरक्षण और अपराध का गठजोड़
पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने बिहार में अपराध के पीछे राजनीतिक संरक्षण को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष दोनों अपराधियों को संरक्षण देते हैं, जिससे हिंसा बढ़ रही है। उन्होंने पटना में हाल की नौ हत्याओं का जिक्र किया, जिसमें मृत्युंजय सिंह के बेटे द्वारा एडीजी के सामने गोली चलाने और बाद में हत्या करने का मामला शामिल है। आज तक ने भी बिहार में बढ़ते अपराध पर चिंता जताई। पप्पू यादव ने “ऑपरेशन सिंदूर” की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसे पीड़ित महिलाओं ने भी समर्थन दिया, यह दर्शाता है कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।

बिहार में बढ़ता अपराध और कानून-व्यवस्था
अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक और उदाहरण है। 26 मई 2025 को चौसा में राजद नेता अर्जुन यादव की हत्या ने भी इस स्थिति को और गंभीर बना दिया। पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने कहा कि जब राजधानी पटना में अपराधी बेखौफ हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भयावह है। प्रभात खबर ने अर्जुन यादव हत्याकांड को बक्सर में अपराध की श्रृंखला से जोड़ा। X पर लोगों ने बिहार सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की, जिसमें एक यूजर ने SIT के जांच अधिकारी पर सवाल उठाए। पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री से अपील की कि बिहार में न्याय व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस ने बिहार की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण की पोल खोल दी है। पप्पू यादव (Pappu Yadav) की पीड़ित परिवारों से भावुक मुलाकात और उनकी मांगें—मुआवजा, नौकरी, और सुरक्षा—न्याय की पुकार को दर्शाती हैं। उनकी लालू प्रसाद और सरकार पर तीखी टिप्पणियां बिहार की राजनीति में बदलाव की आवश्यकता को उजागर करती हैं। पुलिस ने एक आरोपी, ओम प्रकाश सिंह, को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य अभियुक्त अभी फरार हैं। टीवी9 के अनुसार, जांच जारी है। बिहार को सुरक्षित बनाने के लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, राजनीतिक संरक्षण को खत्म करना, और सामाजिक एकता जरूरी है। पप्पू यादव की आवाज इस दिशा में एक कदम है।











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