बक्सर, 23 दिसंबर 2025: ब्रह्मपुर प्रखंड के रघुनाथपुर स्थित तुलसी आश्रम को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश ओझा ने गोस्वामी तुलसीदास की स्मृति में विश्वामित्र महोत्सव, बिस्मिल्लाह खां महोत्सव और ब्रह्मपुर महोत्सव की तर्ज पर तुलसी महोत्सव आयोजित करने की आवश्यकता बताई है।

शैलेश ओझा ने कहा कि यह ऐतिहासिक स्थल आज भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है, जबकि इसमें धार्मिक और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकारी अभिलेखों और शाहाबाद गजेटियर के अनुसार, गोस्वामी तुलसीदास ने रघुनाथपुर में प्रवास कर रामचरितमानस के उत्तरकांड के कुछ अंशों की रचना की थी। आश्रम परिसर में प्राचीन श्रीराम-जानकी मंदिर और भव्य महाकालेश्वर मंदिर स्थित हैं। तीन किलोमीटर दूर बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है, जहां सावन और महाशिवरात्रि पर लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
यह भी पढ़ें
इस मांग को मजबूत करने के लिए शैलेश ओझा और भाजपा कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक शंभू चंद्रवंशी ने बक्सर विधायक आनंद मिश्रा को छह सूत्री ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तुलसी आश्रम को रामायण सर्किट के प्रमुख पड़ाव के रूप में विकसित करने, तुलसी महोत्सव आयोजित करने, आश्रम भूमि की मापी-घेराबंदी कर गुरुकुल निर्माण, भव्य प्रवेश द्वार एवं तुलसीदास की प्रतिमा स्थापना, डिजिटल सुविधाओं से युक्त मानस पुस्तकालय निर्माण, तुलसी सरोवर के चारों ओर पक्के घाट व सौंदर्यीकरण की मांग की गई है।

इसके अलावा बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर से तुलसी आश्रम तक कारीडोर निर्माण और प्रमुख धार्मिक नगरों को जोड़ने वाली ट्रेनों का रघुनाथपुर में ठहराव भी मांगा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन योजनाओं से धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा, क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बक्सर जिले में ऐसी पहलें पहले भी हुई हैं, लेकिन तुलसी आश्रम की संभावनाओं को अभी तक पूरा ध्यान नहीं मिला। विधायक आनंद मिश्रा ने ज्ञापन प्राप्त कर कहा कि मांगों पर विचार किया जाएगा। यह कदम तुलसी आश्रम को नई ऊंचाई दे सकता है, जहां हजारों श्रद्धालु रोज आते हैं।
jansancharbharat.com पर पढ़ें ताजा एंटरटेनमेंट, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइस्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और हर खबर की अपडेट के लिए जनसंचार भारत को होम पेज पर जोड़ कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Discover more from Jansanchar Bharat
Subscribe to get the latest posts sent to your email.









