9 साल की कानूनी लड़ाई के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा को बड़ा झटका: 10 हजार रुपये के फेल ट्रांजेक्शन पर 3.5 लाख रुपये चुकाने का आदेश
फरवरी 2017 में सूरत के एक ग्राहक ने बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्ड से एसबीआई एटीएम में 10,000 रुपये निकालने की कोशिश की। पैसे नहीं निकले, लेकिन खाते से कट गए। बैंक ने रिफंड नहीं किया। ग्राहक ने शिकायत, आरटीआई और दिसंबर 2017 में उपभोक्ता फोरम में केस किया। 9 साल बाद आयोग ने बैंक को मूल 10,000 रुपये 9% सालाना ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया। आरबीआई नियम के अनुसार 5 दिनों में रिफंड न करने पर 100 रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगा, जो 3,28,500 रुपये बना। मानसिक परेशानी और खर्च के लिए 5,000 रुपये अलग से। कुल लगभग 3.5 लाख रुपये चुकाने होंगे। आयोग ने बैंक के तर्क खारिज किए और नियमों का सख्त पालन करवाया।



