भारत का एक कदम और चीन की ताक-झांक खत्म, 1 अप्रैल से इन कंपनियों पर फूटा बम

1 अप्रैल 2026 से नए सर्टिफिकेशन नियम लागू हो जाएंगे। इन नियमों के तहत चीनी वीडियो सर्विलांस कंपनियों जैसे हिकविजन और दहुआ को इंटरनेट से जुड़े सीसीटीवी कैमरे और अन्य वीडियो सर्विलांस उत्पाद बेचने से रोक दिया जाएगा। सरकार इन कंपनियों के उत्पादों और चीनी चिपसेट का इस्तेमाल करने वाले उत्पादों को प्रमाणित करने से इनकार कर रही है। इससे ये कंपनियां भारतीय बाजार से बाहर हो जाएंगी। पिछले साल चीनी ब्रांडों की बाजार हिस्सेदारी एक-तिहाई थी। अब भारतीय ब्रांड्स CP Plus, Qubo, Prama, Matrix और Spalsh ने 80% से अधिक बाजार संभाल लिया है। उन्होंने सप्लाई चेन को ताइवानी चिपसेट और लोकलाइज्ड फर्मवेयर पर शिफ्ट कर दिया है। बॉश और हनीवेल जैसे अमेरिकी ब्रांड हाई-एंड सेगमेंट पर कब्जा कर चुके हैं। MeitY ने अप्रैल 2024 में ER नियम पेश किए थे। अब तक 507 मॉडलों को प्रमाणित किया जा चुका है। कीमतों में 15-20% बढ़ोतरी हुई है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

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