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सेवानिवृत्त सीआरपीएफ जवान सुदर्शन ठाकुर का बक्सर में भव्य स्वागत, 35 वर्षों की सेवा पर सम्मान

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बक्सर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में 35 वर्षों से अधिक की गौरवपूर्ण सेवा के बाद 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हुए सुदर्शन ठाकुर का बक्सर वापसी पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सिमरी प्रखंड के गंगौली गांव निवासी सुदर्शन ठाकुर का मंगलवार को बक्सर रेलवे स्टेशन पर सीआरपीएफ परिवार, बक्सर और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जोरदार नारों के साथ भव्य स्वागत किया।

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सुदर्शन ठाकुर ने 1 मई 1991 को सीआरपीएफ में भर्ती होकर देश की सेवा शुरू की थी। उन्होंने देश के विभिन्न संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में कर्तव्यनिष्ठा के साथ जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी अंतिम तैनाती 36 बटालियन, ददम सर्कल, जिला तिरप (अरुणाचल प्रदेश) में रही, जहां उन्होंने अनुशासन, समर्पण और साहस का परिचय दिया। लंबे सेवा काल में उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में योगदान दिया।

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स्टेशन पर पहुंचते ही सीआरपीएफ परिवार के सदस्यों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया। कई लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जयकारा लगाया। उपस्थित सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दीं। सुदर्शन ठाकुर ने स्वागत के लिए सभी का धन्यवाद दिया और कहा कि सीआरपीएफ में सेवा का अनुभव उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए काम करना उनका सौभाग्य रहा।

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इस अवसर पर सीआरपीएफ परिवार, बक्सर ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी देश सेवा में जीवन समर्पित करने वाले वीर जवानों के सम्मान में ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। इससे उनका मनोबल ऊंचा रहेगा और समाज में उनके त्याग व समर्पण का संदेश पहुंचेगा।

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सुदर्शन ठाकुर का यह स्वागत बक्सर जिले में पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सेवा भावना को मजबूत करते हैं। सीआरपीएफ परिवार ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी जवान समाज के साथ जुड़े रहते हैं और युवाओं को प्रेरित करते हैं।

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