बक्सर, 4 दिसंबर 2025: बिहार के बक्सर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया, बल्कि वन्यजीव तस्करी के अंधेरे कोरिडोर को भी उजागर कर दिया। हत्या की सजा काटकर जेल से रिहा हुए कुख्यात अपराधी इंद्रजीत सिंह उर्फ इंद्रजीत कोइरी को वन विभाग की टीम ने मंगलवार शाम को हिरासत में ले लिया। उनके साथ कोइरपुरवा मोहल्ले से दो अन्य स्थानीय युवकों को भी पकड़ा गया। इन तीनों पर दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति ‘दोमुंहा सांप’ (डबल हेडेड स्नेक) की अवैध तस्करी का गंभीर आरोप है। वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की धारा 9 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो 3 से 7 साल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान करता है। यह कार्रवाई आरा-बक्सर वन सर्कल की संयुक्त टीम ने की, और देर रात तक पूछताछ चली। स्थानीय एसपी शुभम आर्य ने पुष्टि करते हुए कहा, “ये गिरफ्तारियां तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम हैं। जांच में और सुराग मिल रहे हैं।”
घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे की है। कोइरपुरवा मोहल्ला, जो नगर थाना क्षेत्र में आता है, वहां सादे लिबास में वन विभाग की टीम पहुंची। इंद्रजीत कोइरी के घर पर दबिश दी गई, जहां वे हाल ही में जेल से छूटकर लौटे थे। उनके साथ दो अन्य – रामू कोइरी (28 वर्ष) और शंकर सिंह (32 वर्ष) – भी मौजूद थे। गवाहों के मुताबिक, टीम ने तीनों को बिना किसी हंगामे के हिरासत में लिया और वाहन में बिठाकर रवाना हो गई। लेकिन इलाके में अफरा-तफरी मच गई। “पहले तो लगा अपहरण हो गया। कुछ ने तो एसटीएफ का नाम लिया, क्योंकि इंद्रजीत का क्रिमिनल बैकग्राउंड तो सब जानते हैं,” बताते हुए मोहल्ले के एक बुजुर्ग निवासी रामदास पासवान ने अपनी चिंता जाहिर की। अफवाहें इतनी तेज फैलीं कि थाने पर लोग जमा हो गए। लेकिन रात 11 बजे एसपी शुभम आर्य के बयान से सच्चाई सामने आई। उन्होंने कहा, “वन विभाग की टीम ने इन्हें तस्करी के आरोप में ले जाकर पूछताछ की है। कोई अपहरण नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई है।”

बुधवार सुबह आरा-बक्सर वन सर्कल के डीएफओ अनुराग सिंह से बातचीत में और डिटेल्स मिले। उन्होंने बताया, “तीनों के पास से सांपों के सैंपल और तस्करी से जुड़े सामान बरामद हुए हैं। दोमुंहा सांप एक दुर्लभ प्रजाति है, जो मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाती है। भारत में इसकी तस्करी ज्यादातर विदेशी बाजारों – जैसे चीन और वियतनाम – के लिए होती है, जहां ये कथित औषधीय गुणों के चलते हजारों डॉलर में बिकते हैं।” डीएफओ के मुताबिक, इंद्रजीत कोइरी का अपराधी इतिहास लंबा है। 2012 में वे एक हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे, जिसकी सजा काटने के बाद अगस्त 2025 में जेल से बाहर आए। लेकिन जेल की सलाखों के बाद भी उनका कनेक्शन अवैध कारोबार से नहीं टूटा। “पूछताछ में पता चला कि इंद्रजीत नेटवर्क का लिंक था। वे स्थानीय जंगलों से सांप पकड़वाते और नेपाल बॉर्डर के रास्ते तस्करी करवाते,” डीएफओ ने खुलासा किया। बरामद सामान में सांप पकड़ने के जाल, कंटेनर और कुछ दवाइयां शामिल हैं, जो तस्करों के ट्रेडमार्क हैं।
बक्सर जिला, जो गंगा नदी के किनारे बसा है, वन्यजीव तस्करी का हॉटस्पॉट रहा है। यहां के जंगलों और नदियों में कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं, जो तस्करों को ललचाती हैं। पिछले दो सालों में वन विभाग ने 15 से ज्यादा तस्करी केस दर्ज किए, जिनमें सांप, कछुए और पक्षियों की तस्करी प्रमुख थी। इंद्रजीत जैसे कुख्यात अपराधी का इसमें शामिल होना चिंता की बात है। एक स्थानीय एनजीओ कार्यकर्ता ने कहा, “ये लोग जेल से निकलते ही पुराने धंधों में लौट आते हैं। वन्यजीवों की तस्करी न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी खतरे में डालती है।” विशेषज्ञों का मानना है कि दोमुंहा सांप की तस्करी मुख्य रूप से ब्लैक मार्केट के लिए होती है, जहां ये पालतू जानवर या दवाओं के रूप में बिकते हैं। भारत सरकार ने 2018 में इस प्रजाति को शेड्यूल I में डालकर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
तीनों आरोपी बुधवार को आरा कोर्ट में पेश किए गए, जहां रिमांड मिलने के बाद गहन पूछताछ होगी। वन विभाग ने नेपाल बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी है, और इंटरपोल के साथ कोऑर्डिनेशन की योजना है। एसपी शुभम आर्य ने अपील की, “अगर कोई सुराग देगा, तो इनाम मिलेगा। हम इस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।” इलाके के लोग राहत की सांस ले रहे हैं। कोइरपुरवा के एक युवक ने कहा, “इंद्रजीत का नाम सुनते ही डर लगता था। अच्छा हुआ ये पकड़े गए। लेकिन तस्करी रुके, इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता जरूरी।” यह घटना बिहार में वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों को रेखांकित करती है। क्या ये गिरफ्तारियां तस्करी के सिलसिले को रोक पाएंगी, या ये सिर्फ बर्फ की चोटी का टुकड़ा है? समय ही बताएगा।
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बक्सर सर्प तस्करी केस: मुख्य तथ्य
- गिरफ्तार: इंद्रजीत सिंह उर्फ कोइरी (हत्या सजा काट चुके), रामू कोइरी, शंकर सिंह।
- आरोप: दोमुंहा सांप (प्रतिबंधित प्रजाति) की तस्करी।
- कानून: वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972, धारा 9 और 51।
- स्थान: कोइरपुरवा मोहल्ला, नगर थाना क्षेत्र।
- बरामदगी: सांप पकड़ने के उपकरण, कंटेनर।
- अगला कदम: आरा कोर्ट में पेशी, बॉर्डर निगरानी बढ़ी।

(यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों, वन विभाग और पुलिस बयानों पर आधारित है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।)
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