बक्सर, 9 दिसंबर 2025: सर्दी की दहशत भरी रातों में जब हवाएं हड्डियां चीरने लगती हैं, तब कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों की पीड़ा को अपना दर्द बना लेते हैं। बक्सर शहर में ठीक ऐसी ही एक नेक मिसाल बनी, जब साबित खिदमत फाउंडेशन और मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय बक्सर ने आधी रात को सैकड़ों जरूरतमंदों, राहगीरों और बेघर लोगों को गर्म कंबल सौंपे। यह सिर्फ वस्तुओं का वितरण नहीं था, बल्कि ठंड की मार झेल रहे असहायों के चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास था, जो देखने वालों के दिल को छू गया।
बीती रात शहर के विभिन्न इलाकों में घूमते हुए संस्था के सदस्यों ने हर कोने तक मदद पहुंचाई। गरीब मजदूरों से लेकर सड़क किनारे सोने वाले बेघरों तक, हर जरूरतमंद को कंबल मिला। हर साल की तरह इस बार भी यह अभियान रात के अंधेरे में ही चलाया गया, क्योंकि ठंड का असर तो रात में ही सबसे ज्यादा होता है। संस्था के निदेशक और मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के बिहार प्रदेश सचिव डॉ. दिलशाद आलम ने बताया, “10 दिसंबर को हमारी संस्था का स्थापना दिवस है। इसी खुशी में हमने यह अभियान और विस्तार दिया। मानव सेवा ही हमारा असली धर्म है। हम चाहते हैं कि इस ठंड में कोई असहाय व्यक्ति ठिठुरे नहीं। आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।” उनकी यह बातें सुनकर लगता है जैसे वे सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि जज्बात बोल रहे हों।

अभियान में संस्था के सक्रिय सदस्य राहुल केसरी, नसीम अंसारी, अहमद रजा, सुनील और प्रमोद ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। ये लोग रात भर सड़कों पर भटकते रहे, हर जरूरतमंद को ढूंढते रहे। एक बुजुर्ग राहगीर ने कंबल पाते ही आंखें नम कर कहा, “ये लोग भगवान के दूत हैं।” यह दृश्य देखकर किसी का भी मन भर आता। डॉ. दिलशाद आलम के नेतृत्व में साबित खिदमत फाउंडेशन पिछले साल कपड़ा बैंक की शुरुआत कर चुका था, जिसके जरिए गरीब परिवारों को कपड़े और जरूरी वस्त्र पहुंचाए गए। इस साल भी कपड़ा बैंक से ही यह वितरण किया गया, और योजना है कि आने वाले दिनों में और ज्यादा लोगों तक यह मदद पहुंचे।
बक्सर जैसे छोटे शहर में ऐसी पहलें समाज को जोड़ती हैं। जब अमीर-गरीब का फासला कम होता है, तभी असली विकास होता है। यह अभियान न सिर्फ ठंड से राहत दे रहा है, बल्कि लोगों में आपसी भाईचारे की भावना भी जगा रहा है। संस्था का यह छोटा-सा प्रयास बड़ी मिसाल बन गया है, जो बताता है कि सच्ची सेवा रात के सन्नाटे में भी चमकती है। बक्सर के लोग इस नेक काम की सराहना कर रहे हैं, और उम्मीद है कि ऐसे और संगठन आगे आएंगे।
jansancharbharat.com पर पढ़ें ताजा एंटरटेनमेंट, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइस्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और हर खबर की अपडेट के लिए जनसंचार भारत को होम पेज पर जोड़ कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Discover more from Jansanchar Bharat
Subscribe to get the latest posts sent to your email.







