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रेलवे का नया OTP नियम: तत्काल टिकट बुकिंग अब काउंटर पर भी सुरक्षित, दलालों की मनमानी पर लगेगी लगाम

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नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025: अगर आप भी उन लाखों यात्रियों में से हैं जो सुबह-सुबह रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर लंबी लाइनों में खड़े होकर तत्काल टिकट के लिए तरसते हैं, तो अच्छी खबर है – लेकिन थोड़ी बदलाव वाली। भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग को दलालों और फर्जी बुकिंग से मुक्त करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब काउंटर पर तत्काल टिकट तभी कन्फर्म होगा, जब यात्री का मोबाइल नंबर पर आया OTP सफलतापूर्वक वेरिफाई हो जाएगा। यह नियम 1 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है, और इसका पायलट प्रोजेक्ट नवंबर से ही 52 ट्रेनों पर चल रहा था। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार ने इंडिया टीवी डिजिटल को दिए इंटरव्यू में इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “यह बदलाव यात्रियों के हित में है। हम चाहते हैं कि असली पैसेंजर को ही टिकट मिले, न कि एजेंट्स को।” यह कदम न सिर्फ पारदर्शिता लाएगा, बल्कि आपकी यात्रा को आसान और सुरक्षित भी बनाएगा – बस थोड़ी सतर्कता की जरूरत पड़ेगी।

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तत्काल टिकटों की मांग हमेशा से ही आसमान छूती रही है। त्योहारों, छुट्टियों या इमरजेंसी में लोग सुबह 10 बजे (AC क्लास) या 11 बजे (नॉन-AC) खुलते ही दौड़ पड़ते हैं। लेकिन समस्या तब आती है जब दलाल या एजेंट्स पहले ही सैकड़ों टिकटें बुक कर लेते हैं। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, हर महीने तत्काल कोटे का 30-40% हिस्सा ही असली यात्रियों तक पहुंच पाता है। इसी धांधली को रोकने के लिए रेल मंत्रालय ने जुलाई 2025 से ही ऑनलाइन तत्काल बुकिंग के लिए आधार-OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया था। फिर अक्टूबर 2025 में जनरल टिकटों की पहली 15 मिनट की बुकिंग को आधार-ऑथेंटिकेटेड यूजर्स तक सीमित किया गया। अब दिसंबर से काउंटर बुकिंग में भी यही सिस्टम आ गया है। पायलट के तौर पर यह मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12009/12010) पर शुरू हुआ, और जल्द ही पूरे नेटवर्क पर फैल जाएगा। एक रेलवे अधिकारी ने बताया, “पिछले महीने पायलट में 80% बुकिंग्स सफल रहीं, और फर्जी टिकटों में 25% कमी आई।”

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सोचिए, आप स्टेशन पहुंचे, फॉर्म भरें, काउंटर पर लाइन में लगें। स्टाफ आपके डिटेल्स सिस्टम में एंटर करेगा, तभी आपके मोबाइल पर OTP आएगा – 6 अंकों का कोड, जो 5-10 मिनट वैलिड रहेगा। आपको वो OTP स्टाफ को बताना होगा, जो वेरिफाई कर टिकट कन्फर्म करेगा। अगर OTP गलत या टाइम लिमिट एक्सपायर हो गया, तो बुकिंग कैंसल – फिर से ट्राई करना पड़ेगा। यह प्रक्रिया IRCTC वेबसाइट, ऐप और PRS काउंटर्स – सभी पर लागू है। लेकिन सावधानी बरतें: मोबाइल नंबर अपडेट रखें, सिग्नल चेक करें, और आधार लिंकिंग सुनिश्चित करें (अगर ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं)। एजेंट्स के लिए भी सख्ती है – बुकिंग खुलने के पहले 30 मिनट (AC के लिए 10-10:30 AM, नॉन-AC के लिए 11-11:30 AM) में वे तत्काल नहीं बुक कर सकेंगे। एक बुजुर्ग यात्री रामेश्वर प्रसाद ने कहा, “पहले लाइन में खड़े होकर देखते रहते थे कि टिकट कैसे उड़ जाते हैं। अब OTP से हमारी बारी आएगी।”

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यह बदलाव यात्रियों के लिए दोहरी खुशी लाएगा। पहला, दलालों का खेल खत्म – फर्जी नामों से बुकिंग नहीं हो सकेगी। दूसरा, पारदर्शिता बढ़ेगी, क्योंकि हर टिकट अब वेरिफाइड होगा। रेलवे के मुताबिक, जुलाई से अब तक ऑनलाइन तत्काल बुकिंग में 15% ज्यादा असली यूजर्स ने टिकट पाए हैं। लेकिन चुनौतियां भी हैं। ग्रामीण इलाकों में जहां मोबाइल सिग्नल कमजोर होता है, वहां परेशानी हो सकती है। या बुजुर्गों के लिए OTP याद रखना मुश्किल। रेलवे ने इसकी तैयारी की है – स्टेशनों पर हेल्प डेस्क लगाए जाएंगे, जहां स्टाफ गाइड करेगा। साथ ही, IRCTC ऐप पर ‘मास्टर लिस्ट’ फीचर से डिटेल्स सेव करके बुकिंग तेज की जा सकती है। एक युवा यात्री नेहा सिंह ने शेयर किया, “ऑनलाइन पहले ही आसान हो गया था, अब काउंटर पर भी OTP से कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। बस नेटवर्क की दिक्कत न हो।”

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रेलवे बोर्ड ने साफ कहा है कि यह नियम सभी तत्काल बुकिंग्स पर लागू होगा – चाहे वो काउंटर हो, ऐप हो या एजेंट। अगर आपका आधार IRCTC से लिंक नहीं है, तो 1 जुलाई 2025 से ही ऑनलाइन तत्काल बंद है। मोबाइल नंबर भी आधार से लिंक होना चाहिए, ताकि OTP सही आए। भूलकर भी फर्जी नंबर न दें, वरना टिकट कैंसल हो सकता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है: “अपने IRCTC प्रोफाइल को अपडेट रखें, आधार वेरिफाई करें, और समय पर बुकिंग करें।” यह कदम न सिर्फ धांधली रोकेगा, बल्कि ट्रेनों में अवैध यात्रियों की संख्या भी कम करेगा। आंकड़ों से साफ है – 2024-25 में तत्काल कोटे से 2 लाख से ज्यादा फर्जी टिकटें पकड़ी गईं। अब 2025-26 में यह संख्या शून्य के करीब पहुंचेगी।

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यात्रा का आनंद लेने के लिए ये छोटा सा बदलाव बड़ा फायदा साबित होगा। अगली बार स्टेशन जाएं, तो OTP को साथी मानें। रेलवे की यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ का सच्चा उदाहरण है – जहां तकनीक आम आदमी की मदद कर रही है। अगर आपका कोई अनुभव है या सवाल, तो कमेंट्स में शेयर करें। सुरक्षित यात्रा!

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तत्काल टिकट बुकिंग के नए नियम: एक नजर में

  • OTP कब जरूरी: काउंटर पर फॉर्म भरने के बाद, मोबाइल पर आए कोड को वेरिफाई करें।
  • समय सीमा: AC तत्काल – सुबह 10 बजे, नॉन-AC – 11 बजे।
  • एजेंट प्रतिबंध: पहले 30 मिनट में बुकिंग नहीं।
  • आधार लिंकिंग: ऑनलाइन के लिए अनिवार्य (1 जुलाई 2025 से)।
  • लाभ: फर्जी बुकिंग 25% कम, असली यात्रियों को ज्यादा टिकट।
  • टिप्स: मोबाइल अपडेट रखें, सिग्नल चेक करें, हेल्प डेस्क का सहारा लें।
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(यह रिपोर्ट रेलवे बोर्ड के आधिकारिक बयानों, IRCTC अपडेट्स और विशेषज्ञों के इनपुट पर आधारित है। कोई नया अपडेट आने पर हम इसे ताजा करेंगे।)


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