जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को सोमवार (11 नवंबर 2025) को बड़ी सफलता मिली। पाकिस्तान से जुड़े एक नार्को-टेरर मॉड्यूल का कथित किंगपिन मोहम्मद अरशद उर्फ आसिफ को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया। अरशद 2023 से फरार था और सऊदी अरब से संचालन कर रहा था। जम्मू कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर में क्रॉस-बॉर्डर नार्को-टेरर नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आइए, जानते हैं इस गिरफ्तारी की पूरी कहानी और अरशद की भूमिका।
गिरफ्तारी का मंगल: सऊदी से मुंबई, फिर जम्मू कोर्ट
मोहम्मद अरशद, जो पूंछ जिले के डेगवार-तरवान गांव का निवासी है, शनिवार (8 नवंबर 2025) को सऊदी अरब से मुंबई उड़ान भरकर पहुंचा। एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चेक के दौरान SIA की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। SIA ने 2023 में उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (LOC) और नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जम्मू ले जाया गया, जहां सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। जज ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
SIA के एक अधिकारी ने बताया, “अरशद पाकिस्तान-आधारित हैंडलर्स और जम्मू-कश्मीर के नार्को-टेरर ऑपरेटिव्स के बीच मुख्य कड़ी था। वह सऊदी से फंडिंग और निर्देश भेजता था।” गिरफ्तारी से मॉड्यूल का बड़ा नेटवर्क उजागर होने की उम्मीद है। अरशद को 2023 से तलाशी थी, जब पूंछ के पिर पंजाल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में हथियार और ड्रग्स बरामद हुए थे।
अरशद की भूमिका: नार्को-टेरर का मास्टरमाइंड
अरशद की गिरफ्तारी 2023 के एक बड़े केस से जुड़ी है, जहां SIA ने पिर पंजाल में सर्च ऑपरेशन चलाया। वहां 29 किलो हेरोइन, एक IED, 6 हैंड ग्रेनेड, AK-56 राइफल और 4 पिस्तौलें बरामद हुईं। अरशद ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क कर यह माल स्मगल किया था। उसकी भूमिका नार्को-फंडिंग में थी – ड्रग्स बेचकर टेरर फंडिंग।
- सह-आरोपी को मदद: अरशद ने सह-आरोपी लाक्वित अहमद (मार्च 2025 में गिरफ्तार) को दुबई भेजा और गुप्त मीटिंग्स आयोजित कीं, ताकि क्षेत्र में टेरर एक्टिविटीज दोबारा शुरू हों।
- सऊदी कनेक्शन: फरार होने के बाद वह सऊदी अरब चला गया, जहां से ऑनलाइन निर्देश देता था। SIA ने इंटेलिजेंस इनपुट से उसकी फ्लाइट ट्रैक की।
- मॉड्यूल का नेटवर्क: अरशद जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, UP और सऊदी के बीच लिंक था। गिरफ्तारी से JeM और LeT जैसे ग्रुप्स के नार्को लिंक पर असर पड़ेगा।
SIA के SP ने कहा, “यह गिरफ्तारी क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। पूछताछ से और खुलासे होंगे।” अरशद को जम्मू जेल भेजा गया, जहां इंटरोगेशन जारी है।
नार्को-टेरर का खतरा: जम्मू-कश्मीर में बढ़ती चुनौती
जम्मू-कश्मीर में नार्को-टेरर एक बड़ी समस्या बन चुका है। पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियार स्मगलिंग से टेरर फंडिंग हो रही है। 2023 के केस में बरामद 29 किलो हेरोइन की कीमत करोड़ों में थी, जो टेरर कैंप्स को फंड करती। अरशद जैसे लोग युवाओं को ड्रग्स देकर रेडिकलाइज करते। SIA ने कहा, “यह गिरफ्तारी 2023 केस को मजबूत करेगी।”
पिछले महीनों में SIA ने कई ऑपरेशन चलाए, जिसमें 5 किलो हेरोइन और हथियार बरामद हुए। अरशद की गिरफ्तारी से पूंछ-राजौरी बॉर्डर पर निगरानी बढ़ेगी। एक अधिकारी ने बताया, “सऊदी कनेक्शन से फंडिंग रोकना चुनौती था, अब यह टूटेगा।”
ग्रामीणों और परिवार का सदमा: ‘एक परिवार का सहारा था’
अरशद के डेगवार-तरवान गांव में सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों ने कहा कि वह बाहर रहता था, लेकिन परिवार गरीब है। एक पड़ोसी ने बताया, “अरशद पढ़ा-लिखा था, लेकिन गलत रास्ते पर चला गया। अब परिवार पर क्या बीतेगी?” SIA ने परिवार को नोटिस जारी किया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नार्को-टेरर के खिलाफ जागरूकता कैंप लगाने का फैसला किया।
पूछताछ से बड़े खुलासे की उम्मीद
SIA अरशद से पूछताछ कर रही है। संभावना है कि सऊदी और पाकिस्तान कनेक्शन उजागर हों। NIA को भी शामिल किया जा सकता है। जम्मू SSP ने कहा, “यह सफलता टीम वर्क की है। नार्को-टेरर को जड़ से उखाड़ेंगे।” गिरफ्तारी से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा मजबूत होगी।
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