वाराणसी। मणिकर्णिका घाट—जो सदियों से मोक्ष की ज्योति जलाता आ रहा है—अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ नई तस्वीर पेश कर रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद अब मणिकर्णिका घाट का रीडेवलपमेंट कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। घाट की संरचना मजबूत हो रही है, बेहतर लाइटिंग, व्यवस्थित लकड़ी भंडारण, स्वच्छता की आधुनिक व्यवस्था और यात्रियों के लिए सुविधाएं तैयार हो रही हैं।

प्रोजेक्ट के तहत घाट की पुरानी सीढ़ियां और प्लेटफॉर्म को मजबूत बनाया जा रहा है ताकि बरसात और बाढ़ में भी घाट सुरक्षित रहे। लकड़ी के भंडारण के लिए अलग से व्यवस्थित जगह बनाई जा रही है, जिससे घाट पर अव्यवस्था कम होगी। रात के समय बेहतर लाइटिंग से घाट और सुरक्षित व सुंदर दिखेगा। स्वच्छता के लिए आधुनिक शौचालय, डस्टबिन और सफाई व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है।
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प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है—परंपरा और आस्था को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए घाट को व्यवस्थित और यात्री-अनुकूल बनाना। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं, अंतिम संस्कार करने वालों और पर्यटकों को अब बेहतर सुविधा मिलेगी। कार्य प्रगति पर नजर रखने के लिए नियमित निरीक्षण हो रहा है।

स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस बदलाव का स्वागत कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि घाट की साफ-सफाई और मजबूत संरचना से आस्था के साथ-साथ सुरक्षा भी बढ़ेगी। मणिकर्णिका घाट काशी की आत्मा है—यहां विकास हो रहा है, लेकिन परंपरा और भावनाएं जस की तस बनी रहेंगी।
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