Header Banner for support us by sending some ammount to provide better news

खखड़ही गांव में दुखद घटना: किडनी दान के बाद पति की मौत, सदमे में पत्नी ने ट्रेन से लगाई छलांग

Join Now
Subscribe

बक्सर/इटारी। खखड़ही गांव में दो दिनों के भीतर एक ऐसी त्रासदी घटी कि पूरा इलाका शोक की चादर ओढ़ ले गया। किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे अजीत कुमार उपाध्याय उर्फ बबलू ने लखनऊ पीजीआई में इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी नीतू उपाध्याय ने उन्हें बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान की थी। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन हालत बिगड़ने से अजीत की मौत हो गई।

Advertisements

परिवार पूर्णिमा स्नान के लिए बक्सर लौट रहा था। अजीत का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से गांव लाया जा रहा था, जबकि नीतू परिजनों के साथ ट्रेन से आ रही थीं। पति की मौत से सदमे में नीतू ने सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। हादसे में उनकी भी मौके पर मौत हो गई। कुछ ही घंटों के अंतराल पर पति-पत्नी की मौत ने परिवार को बिखेर दिया। पीछे रह गए तीन छोटे बच्चे—14 वर्षीय सन्नाया, 11 वर्षीय अन्नाया और सात वर्षीय सर्वजीत। एक साथ माता-पिता खोने का दर्द गांव को झकझोर रहा है।

Join Now
Advertisements

परिजनों के अनुसार, अजीत की किडनी की समस्या लंबे समय से थी। नीतू ने पति को बचाने के लिए बिना सोचे किडनी दान करने का फैसला लिया। लखनऊ पीजीआई में ट्रांसप्लांट सफल रहा, लेकिन जटिलताओं के कारण अजीत की हालत बिगड़ गई। शुक्रवार को उनकी सांसें थम गईं। नीतू, जो पहले से ही भावुक स्वभाव की थीं, पति की मौत की खबर सुनकर टूट गईं। ट्रेन में यात्रा के दौरान सुल्तानपुर स्टेशन के पास उन्होंने अचानक छलांग लगा दी। रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

Advertisements

कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीतू का शव भी गांव लाया जा रहा है। दोनों का अंतिम संस्कार गांव में ही किया जाएगा। परिवार के सदस्य सदमे में हैं। रिश्तेदारों ने बताया कि अजीत एक मेहनती व्यक्ति थे, जो परिवार का सहारा थे। नीतू घर संभालने में कुशल थीं। उनकी मौत से तीनों बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। गांव वाले बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय प्रशासन से बच्चों की देखभाल और शिक्षा के लिए सहायता की मांग की जा रही है।

Advertisements

यह घटना खखड़ही गांव को गमगीन कर गई है। पड़ोसी गांवों से भी लोग संवेदना जता रहे हैं। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि नीतू का फैसला पति को बचाने का था, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। गांव में शोक सभा का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

Follow Us
Advertisements
Advertisements

Discover more from Jansanchar Bharat

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Advertisements

You cannot copy content of this page

Discover more from Jansanchar Bharat

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading