बिहार के कैमूर जिले में एक दुखद घटना ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया। पुलिस जवान अमलेश कुमार, जो भभुआ पुलिस लाइन में तैनात थे, ने अपने बैरक में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जवान को इलाज के लिए वाराणसी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने न केवल पुलिस लाइन में हड़कंप मचा दिया, बल्कि जवान के परिवार और सहकर्मियों को गहरे सदमे में डाल दिया। यह लेख इस आत्महत्या, पुलिस की जाँच, और घटना के पीछे के संभावित कारणों को विस्तार से बताता है।

कैमूर पुलिस लाइन में हादसा: जवान की आत्महत्या
16 जून 2025 को भभुआ पुलिस लाइन के बैरक में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस जवान अमलेश कुमार ने अपने कमरे में सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। जवान की ड्यूटी दंगा नियंत्रण पुलिस टीम में थी, और वह ड्यूटी से लौटकर अपने सिंगल रूम में गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस लाइन में अफरा-तफरी मच गई, और सहकर्मियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुँचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतक जवान: अमलेश कुमार की पहचान
मृतक जवान अमलेश कुमार बिहार के जमुई जिले के निवासी थे। उन्होंने 2022 में कैमूर जिले में पुलिस जवान के रूप में योगदान दिया था। अमलेश दंगा नियंत्रण पुलिस टीम का हिस्सा थे और अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते थे। उनके सहकर्मियों के अनुसार, वह एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, जिससे उनकी आत्महत्या की खबर और भी चौंकाने वाली है।घटना का विवरण: गोली मारकर दी जानजानकारी के अनुसार, 16 जून की शाम अमलेश कुमार ड्यूटी से लौटकर अपने सिंगल बेड वाले कमरे में गए। उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद उनके मित्र राजू ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब दोस्तों ने किसी तरह दरवाजा खोला, तो दृश्य भयावह था—अमलेश बेड पर खून से लथपथ पड़े थे, और उनके सिर में गोली लगी थी। तत्काल उन्हें भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया। लेकिन दुर्गावती के पास ही उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस की कार्रवाई: जाँच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही एसपी हरि मोहन शुक्ला पुलिस लाइन पहुँचे और मामले की जाँच का आदेश दिया। कमरे को सील कर दिया गया है, और जवान का मोबाइल भी लॉक अवस्था में बरामद हुआ है। पुलिस अब मोबाइल और अन्य सबूतों की जाँच कर रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है।
डीएसपी का बयान: रहस्यमयी आत्महत्या
पुलिस लाइन के डीएसपी रामानंद मंडल ने बताया कि अमलेश कुमार अपने बैरक के सिंगल रूम में अकेले रहते थे। उन्होंने कहा, “कमरा बंद था, और गोली चलने की आवाज नहीं सुनी गई। जब दोस्त राजू ने दरवाजा खोलवाने की कोशिश की, तो कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा तोड़ने पर अमलेश को सिर में गोली लगी हालत में पाया गया। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई। आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।” डीएसपी ने यह भी बताया कि जवान जमुई का रहने वाला था और 2022 से कैमूर में तैनात था।
आत्महत्या का कारण: मोबाइल से सुराग की उम्मीद
पुलिस के अनुसार, अमलेश कुमार ने आत्महत्या क्यों की, इसका अभी तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। उनका मोबाइल लॉक है, और पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल के डेटा से आत्महत्या के पीछे की वजह का पता चल सकता है। सहकर्मियों और दोस्तों से पूछताछ में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। कुछ का मानना है कि व्यक्तिगत या मानसिक तनाव इस आत्महत्या का कारण हो सकता है, लेकिन यह केवल अनुमान है।
कैमूर में पुलिस जवान अमलेश कुमार की आत्महत्या ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर तनाव से निपटने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार में हाल के महीनों में पुलिसकर्मियों द्वारा आत्महत्या की कई घटनाएँ सामने आई हैं, जो चिंता का विषय है। प्रशासन को न केवल इस मामले की गहन जाँच करनी होगी, बल्कि जवानों के लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा। अमलेश कुमार के परिवार और सहकर्मी अब इस दुखद हादसे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, और सभी की निगाहें जाँच के नतीजों पर टिकी हैं।
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