भारत के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देकर सभी को हैरान करने वाले जगदीप धनखड़ अब अपने सामान पैक करने में जुट गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति पद छोड़ दिया था। अब वह जल्द ही उपराष्ट्रपति एन्क्लेव से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें लुटियंस दिल्ली में एक टाइप-8 बंगला आवंटित किया जाएगा। यह लेख आपको इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी देगा, जिसमें धनखड़ के इस्तीफे से लेकर उनके नए निवास तक की कहानी शामिल है। आइए, इस बदलाव के हर पहलू को आसान और स्पष्ट भाषा में समझते हैं।

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: क्या हुआ था?
21 जुलाई 2025 को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन जगदीप धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने इस्तीफे का पत्र सौंपा, जिसमें स्वास्थ्य कारणों को इसका मुख्य कारण बताया। धनखड़ ने अपने पत्र में लिखा कि वह चिकित्सा सलाह का पालन करने और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।
74 वर्षीय धनखड़ ने अगस्त 2022 में 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, और उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। लेकिन स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने अपने कार्यकाल को बीच में ही छोड़ दिया। यह भारत के इतिहास में तीसरा मौका है जब कोई उपराष्ट्रपति अपना कार्यकाल पूरा किए बिना पद छोड़ रहा है।
उपराष्ट्रपति एन्क्लेव से विदाई की तैयारी
जगदीप धनखड़ पिछले साल अप्रैल 2024 में संसद भवन परिसर के पास चर्च रोड पर बने नए उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में स्थानांतरित हुए थे। यह एन्क्लेव केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत बनाया गया है, जिसमें उपराष्ट्रपति का आधिकारिक निवास और कार्यालय दोनों शामिल हैं। धनखड़ ने इस शानदार परिसर में लगभग 15 महीने तक निवास किया। अब इस्तीफे के बाद वह इस एन्क्लेव को खाली करने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, धनखड़ ने अपने सामान को पैक करना शुरू कर दिया है और जल्द ही वे इस परिसर से बाहर चले जाएंगे। यह प्रक्रिया सामान्य है, क्योंकि उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद नए निवास की व्यवस्था की जाती है। धनखड़ के लिए अब सरकार की ओर से नया आवास आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
टाइप-8 बंगला: नया ठिकाना
पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर जगदीप धनखड़ को लुटियंस दिल्ली या इसके आसपास के क्षेत्र में एक टाइप-8 बंगला आवंटित किया जाएगा। टाइप-8 बंगले भारत में उच्च श्रेणी के सरकारी आवास होते हैं, जो आमतौर पर पूर्व राष्ट्रपतियों, उपराष्ट्रपतियों, या अन्य वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों को दिए जाते हैं। ये बंगले आधुनिक सुविधाओं से लैस होते हैं और लुटियंस दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में स्थित होते हैं, जो सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से बेहतरीन माने जाते हैं।
यह भी पढ़ें
- शातिर चोर और दो रिसीवर गिरफ्तार, विकास ज्वेलर्स व सर्वेश वर्मा की दुकान से सोने की चेन-लॉकेट बरामद

- बिहार राजनीति में नया मोड़: उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो का भाजपा में विलय प्रस्ताव, राज्यसभा सीट से जुड़ी चर्चाएं तेज

- बक्सर रेलवे स्टेशन पर चोरी का सामान बरामद: RPF ने सोने का लॉकेट और कैश के साथ अपराधी को किया गिरफ्तार

लुटियंस दिल्ली में ऐसे बंगले अक्सर प्रकृति मार्ग, त्यागराज मार्ग, या सफदरजंग रोड जैसे इलाकों में होते हैं, जहां पहले भी कई पूर्व पदाधिकारियों को आवास दिए गए हैं। धनखड़ को यह बंगला जल्द ही आवंटित होने की उम्मीद है, और वह अपने परिवार के साथ वहां शिफ्ट हो जाएंगे।
स्वास्थ्य कारण: कितना सच, कितना कयास?
धनखड़ ने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों को प्रमुखता से बताया है। खबरों के अनुसार, मार्च 2025 में उन्हें सीने में दर्द और असहजता की शिकायत के बाद दिल्ली के AIIMS में भर्ती किया गया था। उनकी स्थिति स्थिर होने के बाद 12 मार्च को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह फैसला केवल स्वास्थ्य कारणों से लिया गया, या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी?
कुछ विपक्षी नेताओं ने इस इस्तीफे को राजनीतिक टकराव से जोड़ा है। उनका कहना है कि धनखड़ का कार्यकाल विवादों से भरा रहा, खासकर राज्यसभा के सभापति के रूप में उनकी भूमिका को लेकर। लेकिन इन कयासों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और धनखड़ ने भी अपने इस्तीफे में केवल स्वास्थ्य कारणों का जिक्र किया है।
उपराष्ट्रपति एन्क्लेव: एक नजर
उपराष्ट्रपति एन्क्लेव केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर है, जिसमें उपराष्ट्रपति का निवास, कार्यालय, और अतिथि गृह शामिल हैं। इसे चर्च रोड पर बनाया गया है, जो संसद भवन और राष्ट्रपति भवन के करीब है। इस परिसर को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल बनाया गया है, जिसमें सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएं हैं।
धनखड़ इस एन्क्लेव में रहने वाले पहले उपराष्ट्रपति थे। अब उनके जाने के बाद यह परिसर अगले उपराष्ट्रपति के लिए तैयार किया जाएगा। संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव 60 दिनों के भीतर होना अनिवार्य है, और तब तक उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा की कार्यवाही संभालेंगे।

आगे क्या होगा?
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब देश की नजरें नए उपराष्ट्रपति के चुनाव पर टिकी हैं। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं, और जल्द ही नए उपराष्ट्रपति के लिए मतदान की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत होगी, जिसमें संसद के दोनों सदनों के सदस्य मतदान करते हैं।
इस बीच, धनखड़ का नया ठिकाना और उनकी आगे की योजनाएं भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें न केवल टाइप-8 बंगला मिलेगा, बल्कि अन्य सुविधाएं जैसे सुरक्षा, स्टाफ, और चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि पूर्व संवैधानिक पदाधिकारी सम्मानजनक जीवन जी सकें।
जन संचार भारत विशेष वीडियो
हमारे विशेष वीडियो देखें और डिजिटल इंडिया के बारे में जानें
जगदीप धनखड़ का उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव से उनकी विदाई भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। स्वास्थ्य कारणों से लिया गया उनका यह फैसला न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि देश की राजनीतिक गतिविधियों पर भी असर डालेगा। अब जबकि वह लुटियंस दिल्ली में अपने नए टाइप-8 बंगले में स्थानांतरित होने की तैयारी कर रहे हैं, देश की नजरें नए उपराष्ट्रपति के चुनाव पर टिकी हैं। यह बदलाव न केवल संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि स्वास्थ्य और कर्तव्य के बीच संतुलन कितना जरूरी है।
jansancharbharat.com पर पढ़ें ताजा एंटरटेनमेंट, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइस्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और हर खबर की अपडेट के लिए जनसंचार भारत को होम पेज पर जोड़ कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Discover more from Jansanchar Bharat
Subscribe to get the latest posts sent to your email.









