चैनपुर, 3 दिसंबर 2025: सुबह की धूप अभी पूरी तरह खिली भी नहीं थी कि चैनपुर के व्यस्त बाजार इलाके में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चैनपुर ब्रांच के ठीक सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक साइकिल सवार मां-बेटे को रौंद दिया। हादसे में कूड़ासन ग्राम की 32 वर्षीय महिला रीता देवी और उनके साथ सवार चार वर्षीय मासूम बेटे छोटू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक घटना न सिर्फ एक परिवार की जिंदगी बर्बाद कर गई, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही पर गुस्से की आग भी भड़का दी। लोग कह रहे हैं, “चलान काटने की फुर्सत तो मिल जाती है, लेकिन सड़कों पर जान बचाने का वक्त कब मिलेगा?”
हादसा सुबह करीब 8:30 बजे हुआ, जब रीता देवी अपने बेटे छोटू को लेकर बाजार जा रही थीं। कूड़ासन ग्राम से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित चैनपुर बाजार में वे रोजाना की तरह सब्जी खरीदने निकली थीं। गवाहों के मुताबिक, ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगाने के बजाय गाड़ी को झटका दिया, जिससे साइकिल सड़क पर उछल पड़ी। रीता और छोटू साइकिल के नीचे दब गए। आसपास के दुकानदारों ने चीखें सुनकर दौड़ लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। “मां का हाथ थामे बच्चा मुस्कुरा रहा था, अगले ही पल सब कुछ खत्म,” बताते हुए एक स्थानीय फल विक्रेता रामेश्वर यादव की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन भीड़ ने उसे पकड़ लिया।

रीता देवी एक साधारण गृहिणी थीं, जो अपने पति सुरेश कुमार के साथ कूड़ासन के छोटे से खेत पर निर्भर परिवार चलाती थीं। सुरेश मजदूरी करते हैं और परिवार में दो और छोटे बच्चे हैं। छोटू उनकी सबसे लाड़ली संतान था, जो स्कूल जाने की उम्र में था। हादसे की खबर मिलते ही सुरेश बाजार पहुंचे, तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। “रीता रोज कहती थीं कि सड़क पर सावधानी बरतूंगी, लेकिन आज किसके हाथों ये अंधेरे?” सुरेश ने कांपते स्वर में कहा। गांव वाले भी सदमे में हैं। कूड़ासन के मुखिया रामलाल पासवान ने बताया, “ये पहली बार नहीं है। यहां रोज वाहनों की होड़ लगी रहती है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस सिर्फ फाइन काटने में व्यस्त रहती है। साइन बोर्ड लगे हैं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता।”
पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ट्रक को जब्त कर लिया और चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया। चैनपुर थाने के एसएचओ राजेश सिंह ने कहा, “हम जांच कर रहे हैं। चालक नशे में था या नहीं, ये पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ होगा। शवों को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।” हालांकि, स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस पर ही उतर पड़ा। एक बुजुर्ग निवासी श्यामलाल ने कहा, “ट्रैफिक पुलिस को चलान काटने से फुरसत मिले, तो शायद एक्सीडेंट कम हों। यहां स्पीड ब्रेकर तक नहीं हैं, न ही लाइटिंग। बैंक के सामने इतना ट्रैफिक, फिर भी कोई चौकी नहीं।”
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यह हादसा चैनपुर-कूड़ासन मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं की कड़ी में एक और काला अध्याय जोड़ता है। पिछले एक साल में इस इलाके में कम से कम आठ सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें चार मौतें दर्ज हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यस्त बाजार होने के बावजूद यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी है। सड़क पर अनियमित पार्किंग, तेज गति वाले भारी वाहन और पैदल यात्रियों के लिए कोई फुटपाथ न होना मुख्य कारण हैं। एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मीरा सिंह ने कहा, "महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए, जैसे कैमरे लगाना और नियमित चेकिंग। अन्यथा ये मौतें सिलसिला बन जाएंगी।"
परिवार को मुआवजे की उम्मीद है। सुरेश ने बताया कि रीता का अंतिम संस्कार आज शाम गांव में होगा। गांव वाले शोक सभा बुला रहे हैं, जहां इस मुद्दे पर चर्चा होगी। प्रशासन से मांग की जा रही है कि मृतकों के परिवार को तत्काल सहायता राशि दी जाए और सड़क पर सुरक्षा उपाय मजबूत किए जाएं। यह घटना न सिर्फ एक परिवार का दर्द है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक सबक। क्या हम इंतजार करेंगे कि अगला शिकार कौन बनेगा?

चैनपुर एक्सीडेंट अपडेट: अगर आप इस इलाके में रहते हैं, तो सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक रहें। स्पीड लिमिट का पालन करें, हेलमेट पहनें और पैदल चलते समय सावधानी बरतें। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय थाने से संपर्क करें।
(यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों पर आधारित है। कोई भी अपडेट आने पर हम इसे ताजा करेंगे।)
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