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बक्सर का लाल हेमंत मिश्रा: UPSC 2024 में 13वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया, UP कैडर मिला तो गांव में मिठाई बंटी

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बक्सर, 10 दिसंबर 2025: बिहार के बक्सर जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाई है। राजपुर प्रखंड के कुसुरपा गांव के होनहार बेटे हेमंत मिश्रा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 13वीं रैंक हासिल कर पूरे देश को चकित कर दिया। मंगलवार को उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित होने की खबर फैलते ही परिवार, गांव और पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। हेमंत के चाचा बजरंगी मिश्रा ने इस उपलब्धि पर अपार हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे परिवार और गांव की साझा जीत है। हेमंत ने कड़ी मेहनत से साबित कर दिया कि सपने देखने वाले कभी हार नहीं मानते।”

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हेमंत मिश्रा की यह सफलता सिर्फ एक रैंक नहीं, बल्कि सालों की लगन और संघर्ष की कहानी है। वर्तमान में वे मिर्जापुर में ट्रेनी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर कार्यरत हैं। उनका प्रशासनिक सफर बेहद प्रेरणादायक है, जो उन युवाओं के लिए मिसाल बन सकता है जो सिविल सर्विसेज की राह पर हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले हेमंत के पिता ओमप्रकाश मिश्रा कैमूर जिले में शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (APO) हैं। वहीं, उनकी मां नम्रता मिश्रा एक निजी स्कूल में अध्यापिका के रूप में बच्चों को पढ़ाती हैं। परिवार की सादगी और माता-पिता के समर्थन ने हेमंत को हमेशा प्रेरित किया।

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बचपन से ही मेधावी, पढ़ाई में कभी पीछे नहीं हटे हेमंत

हेमंत मिश्रा का सफर गांव की मिट्टी से शुरू होता है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बक्सर के एक निजी विद्यालय से पूरी की, जहां वे हमेशा टॉपर्स की सूची में शुमार रहे। इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने पटना के प्रतिष्ठित डीएवी कॉलेज से की। इसके बाद दिल्ली पहुंचे, जहां जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। फिर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से परास्नातक की पढ़ाई पूरी कर उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा को मजबूत आधार दिया।

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चाचा बजरंगी मिश्रा बताते हैं, “हेमंत बचपन से ही पढ़ाई में अत्यंत प्रतिभाशाली थे। वे घंटों किताबों के साथ बैठे रहते, लेकिन कभी थकान का नामोनिशान नहीं दिखाते।” उनकी मेहनत का फल जल्द ही मिलने लगा। 2022 में पहले ही प्रयास में यूपी पीसीएस परीक्षा पास कर उन्होंने 8वीं रैंक हासिल की और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) का पद प्राप्त किया। 2023 में दोबारा यूपीपीसीएस में सफलता पाकर वे एसडीएम बने। उसी साल बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा भी क्रैक कर चुनाव अधिकारी का पद हासिल किया। अब UPSC में 13वीं रैंक के साथ उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार का सिर ऊंचा किया, बल्कि पूरे बक्सर जिले को गौरवान्वित कर दिया।

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परिवार और गांव में जश्न का माहौल, युवाओं के लिए प्रेरणा बने हेमंत

कुसुरपा गांव में हेमंत की सफलता की खबर फैलते ही मिठाइयों का वितरण शुरू हो गया। पड़ोसी और रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे। चाचा बजरंगी मिश्रा ने कहा, “हमारा गांव छोटा है, लेकिन सपने बड़े हैं। हेमंत ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।” हेमंत के इस सफर से स्थानीय युवाओं में जोश भर गया है। कई लड़के-लड़कियां अब UPSC की तैयारी के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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हेमंत की कहानी बताती है कि असफलताएं रुकावट नहीं, बल्कि सीढ़ियां हैं। मध्यम परिवार से निकलकर प्रशासनिक सेवा में पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प ने सब कुछ संभव कर दिखाया। बक्सर जिला प्रशासन ने भी उनकी उपलब्धि पर बधाई संदेश जारी किया है। आने वाले समय में हेमंत उत्तर प्रदेश कैडर में IAS अधिकारी के रूप में सेवा देंगे, जो निश्चित रूप से सामाजिक बदलाव लाएंगे।

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यह सफलता न सिर्फ हेमंत की व्यक्तिगत जीत है, बल्कि उन सभी अभिभावकों के लिए संदेश है जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देना चाहते हैं। बक्सर का यह बेटा अब पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुका है।

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