बक्सर: भारत में सोना खरीदना केवल निवेश नहीं, बल्कि सौभाग्य और परंपरा का प्रतीक माना जाता है। शादियों का सीजन हो या अक्षय तृतीया, सर्राफा बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस ‘तोले’ के भाव पर आप सोना खरीदते हैं, वह असल में 10 ग्राम के बराबर नहीं होता? अधिकांश भारतीय ग्राहक अनजाने में 10 ग्राम को ही एक तोला मान लेते हैं, जिससे गणना में अंतर आ सकता है।

अगर आप इस सीजन में सोने के गहने या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो वजन और शुद्धता के इन बारीकों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।
तोला (Tola) का असली सच ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से 1 तोला 11.6638 ग्राम के बराबर होता है। ब्रिटिश काल में इसी मानक का उपयोग किया जाता था। हालांकि, आधुनिक समय में गणना को आसान बनाने के लिए भारतीय सर्राफा बाजारों में जौहरियों ने 1 तोले को 10 ग्राम मानना शुरू कर दिया है।

इसका असर आप पर कैसे पड़ता है? जब आप पुराने गहने बेचने जाते हैं, तो कई बार पुराने हिसाब से उन्हें 11.66 ग्राम के तोले के आधार पर तौला जाता है, लेकिन खरीदते समय आपको 10 ग्राम का रेट बताया जाता है। इसलिए हमेशा सोने का वजन ‘ग्राम’ में ही चेक करें और उसी के आधार पर भुगतान करें।
रत्ती और मासा: पुराने पैमाने जो आज भी हैं जिंदा ग्रामीण क्षेत्रों और पारंपरिक जौहरियों के पास आज भी रत्ती और मासा का चलन है। रत्न (जैसे हीरा, पन्ना) आज भी ‘रत्ती’ में ही मापे जाते हैं। इनका गणित कुछ इस प्रकार है:
- रत्ती (Ratti): यह वजन की सबसे छोटी इकाई है। एक रत्ती लगभग 0.1215 ग्राम की होती है।
- मासा (Masha): 8 रत्ती मिलाकर 1 मासा बनता है, जिसका वजन लगभग 0.97 ग्राम होता है।
- तोला: 12 मासा मिलकर 1 तोला बनाते हैं।
यदि आप रत्ती के हिसाब से कोई रत्न जड़वा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि जौहरी सही ग्राम वजन का उपयोग कर रहा है।
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कैरेट (Carat): शुद्धता की पहचान वजन के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज है ‘कैरेट’, जो सोने की शुद्धता बताती है:
- 24 कैरेट (99.9% शुद्ध): यह निवेश के लिए सबसे अच्छा है, लेकिन बहुत नरम होने के कारण इससे गहने नहीं बनाए जा सकते।
- 22 कैरेट (91.6% शुद्ध): गहनों के लिए सबसे आदर्श। इसे ‘916 गोल्ड’ भी कहा जाता है। इसमें मजबूती के लिए तांबा या जस्ता मिलाया जाता है।
- 18 कैरेट (75% शुद्ध): हीरे या भारी पत्थरों वाले गहनों के लिए इसका उपयोग होता है।

HUID और हॉलमार्किंग: आपकी सुरक्षा अब केवल ‘हॉलमार्क’ देखना काफी नहीं है। सरकार ने HUID (Hallmark Unique Identification) अनिवार्य कर दिया है। यह 6 अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है जिसे ‘BIS Care App’ पर डालकर आप सोने की शुद्धता, वजन और जौहरी का नाम चेक कर सकते हैं। बिना इसके सोना खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
मेकिंग चार्जेस और टैक्स का हिसाब सोने की कीमत केवल उसके वजन पर निर्भर नहीं करती। अंतिम बिल कुछ इस तरह बनता है: (सोने का वजन × आज का भाव) + मेकिंग चार्जेस + 3% GST
मेकिंग चार्जेस 5% से 25% तक हो सकते हैं। अनुभवी ग्राहक हमेशा मेकिंग चार्जेस पर मोलभाव करते हैं, क्योंकि यही वह जगह है जहां आप अपने पैसे बचा सकते हैं।
व्यावहारिक सलाह
- हमेशा ग्राम में वजन पूछें और लिखित रूप में लें।
- HUID कोड चेक करें और BIS Care App से सत्यापित करें।
- मेकिंग चार्जेस पर मोलभाव करें और GST की पुष्टि लें।
- पुराने गहने बेचते समय पारंपरिक तोला (11.6638 ग्राम) और खरीदते समय 10 ग्राम वाले तोले के अंतर को समझें।

सोना खरीदना भावनात्मक और आर्थिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है। सही जानकारी के साथ खरीदारी करने से आप न सिर्फ सही मूल्य चुकाएंगे बल्कि भविष्य में भी कोई विवाद नहीं होगा। बक्सर समेत पूरे देश के सर्राफा बाजारों में इन बारीकियों को ध्यान में रखकर ही सोना खरीदें।
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