राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सांस लेना मुश्किल हो गया है। पराली जलाने की घटनाओं और वाहनों के धुएं ने हवा को जहर बना दिया है। लगातार चौथे दिन हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है, और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 370 के आसपास घूम रहा है। ऐसे हालातों से तंग आकर रविवार को दिल्लीवासियों का सब्र का बांध टूट गया। इंडिया गेट पर सैकड़ों लोग, खासकर माता-पिता अपने बच्चों के साथ सड़क पर उतर आए। उन्होंने सरकार से वायु प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला देकर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। भारी पुलिस बल तैनात था, और जंतर-मंतर को ही प्रदर्शन का एकमात्र स्थान बताते हुए कार्रवाई की गई। आइए, जानते हैं इस प्रदर्शन की पूरी कहानी और दिल्ली के प्रदूषण संकट की गहराई।
प्रदर्शन का मंजर: ‘साफ हवा सबका हक’ के नारे, बच्चों के साथ उतरी जनता
रविवार दोपहर इंडिया गेट के लॉन पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटे। प्लेकार्ड्स हाथों में लिए, मास्क मुंह पर लगाए, लोग ‘साफ हवा सबका हक है’ और ‘दिल्ली हेल्थ के लिए हानिकारक’ जैसे नारे लगा रहे थे। ज्यादातर प्रदर्शनकारी मांएं थीं, जो अपने बच्चों को लेकर आईं। पर्यावरण कार्यकर्ता भावरीन खंडारी ने कहा, “हम मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन अपॉइंटमेंट नहीं मिली। बच्चे सांस नहीं ले पा रहे, फिर भी सरकार सो रही है।” एक अन्य प्रदर्शनकारी नेहा ने एएनआई से बातचीत में गुस्सा जाहिर किया, “यह समस्या 10 सालों से चली आ रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। यह हमारे संवैधानिक अधिकारों का हनन है। शांतिपूर्ण विरोध में लोगों को घसीटकर बसों में ठूंसा जा रहा है। यह राजनीति नहीं, सांस लेने का सवाल है।”
प्रदर्शन करीब 30 मिनट चला, लेकिन पुलिस ने चार बसें और सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी। डीसीपी (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने कहा, “इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत पूर्व नियोजित थी। जंतर-मंतर ही डेजिग्नेटेड जगह है।” सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट प्रशांत भूषण ने भी मौजूद रहकर कहा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार है, सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है।” प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया।
AQI का आंकड़ा: 370 पर बेहद खराब, 26वें दिन जहर की हवा
सीपीसीबी के अनुसार, रविवार को दिल्ली का औसत AQI 370 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। शनिवार के 361 से 9 अंक की बढ़ोतरी हुई। कुछ इलाकों में तो 400 पार कर गया – पंजाबी बाग (425), बावना (410), जहांगीरपुरी (401)। एनसीआर में नोएडा (354), गाजियाबाद (345) भी ‘बहुत खराब’ में। पीएम2.5 मुख्य प्रदूषक रहा।
यह लगातार 26वां दिन है जब हवा खराब या बेहद खराब रही। 14 अक्टूबर से ही AQI 300 पार कर गया। IITM के DSS के अनुसार, पराली जलाने का योगदान 5.38% रहा, जो सोमवार को 1.958% हो सकता है। वाहनों से 14.52% प्रदूषण। अच्छे मानसून के बावजूद नवंबर में स्मॉग लौट आया। विशेषज्ञ कहते हैं, “पश्चिमी विक्षोभ न आने से हवा फंस गई।”
प्रदूषण के स्रोत: पराली से वाहन तक, कौन जिम्मेदार?
दिल्ली का प्रदूषण बहुआयामी है। DSS रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के बाहर ‘अन्य’ स्रोतों (26.7%) सबसे बड़े, फिर परिवहन (16.43%)। शहर में वाहन धुआं (16.43%), आवासीय (4.27%), उद्योग (3.63%), निर्माण (2.18%)। पराली का शेयर कम (2.06%) लेकिन पीक पर 35-45% तक पहुंच जाता है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात न आने से हवा साफ न हुई।
| प्रदूषण स्रोत (दिल्ली में) | प्रतिशत (%) |
|---|---|
| वाहन उत्सर्जन | 16.43 |
| आवासीय | 4.27 |
| उद्योग | 3.63 |
| निर्माण | 2.18 |
| ऊर्जा उत्पादन | 1.85 |
ग्रामीणों का दर्द: स्वास्थ्य पर असर, सरकार पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा, “सरकार नीतियां क्यों नहीं बना रही? क्लाउड सीडिंग फेल हो गई, वाटर स्प्रिंकलिंग डेटा सेंटर्स पर?” AAP नेता प्रियंका कक्कड़ ने BJP सरकार पर आरोप लगाया, “वे प्रदूषण को स्वीकार ही नहीं कर रही।” कांग्रेस और AAP ने प्रदर्शन का समर्थन किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही GRAP लागू किया, लेकिन स्टेज 3 नहीं। CAQM ने कहा, AQI सुधार रहा, कोई नया कदम नहीं।
स्वास्थ्य पर असर गंभीर: सांस की बीमारियां 15-20% बढ़ीं। बच्चे, बुजुर्ग सबसे प्रभावित। एक मां ने कहा, “बच्चे खांस रहे, स्कूल बंद, फिर भी हवा जहर।”
क्या होगा समाधान?
प्रदर्शन ने सरकार को जगाया। CAQM ने GRAP स्टेज 2 जारी रखा – पार्किंग फीस दोगुनी, डीजल वाहन प्रतिबंध। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं, “पराली मैनेजमेंट, EV बढ़ाना, इंडस्ट्री कंट्रोल जरूरी।” दिल्ली सरकार ने ऑफिस टाइमिंग बदली। उम्मीद है, प्रदर्शन से नीतियां बनेगी। दिल्लीवासी अब इंतजार में – कब साफ हवा लौटेगी?
jansancharbharat.com पर पढ़ें ताजा एंटरटेनमेंट, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइस्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और हर खबर की अपडेट के लिए जनसंचार भारत को होम पेज पर जोड़ कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Discover more from Jansanchar Bharat
Subscribe to get the latest posts sent to your email.







