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चौसा रेलवे स्टेशन पर अनशन और प्रदर्शन: छह सूत्री मांगों को लेकर लोगों का बड़ा आंदोलन

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बक्सर, 23 दिसंबर 2025:बिहार के बक्सर जिले में चौसा रेलवे स्टेशन पर आज से आमरण अनशन और प्रदर्शन शुरू हो गया है। चौसा रेलवे यात्री संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में छह सूत्री मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख ट्रेनों का ठहराव और स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की बहाली शामिल है। स्थानीय लोग इस आंदोलन में भारी संख्या में शामिल हो रहे हैं।

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चौसा कोई साधारण रेलवे स्टेशन नहीं है। यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान है, जहां महर्षि च्यवन की तपोभूमि, शेरशाह सूरी की विजयस्थली और उत्तरायणी मां गंगा का पावन तट स्थित है। इसके अलावा यहां 1320 मेगावाट का चौसा थर्मल पावर प्लांट भी है, जहां करीब 10,000 लोग रोज काम करते हैं। फिर भी स्टेशन पर न तो पर्याप्त ट्रेनें रुकती हैं और न ही यात्रियों के लिए पीने का पानी, शौचालय, प्लेटफॉर्म शेड, प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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यात्री संघर्ष समिति के पूर्व जिला पार्षद डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि कई बार रेल मंत्री, दानापुर डीआरएम और जीएम को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मांगों में मगध एक्सप्रेस, अमृतसर एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस का ठहराव शामिल है। इसके अलावा बक्सर तक आने वाली स्पेशल ट्रेन को चौसा तक एक्सटेंड करने की मांग भी है।

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स्थानीय निवासी और आसपास के प्रखंडों—इटाढ़ी, राजपुर, रामगढ़ और उन्नाव—के लोग भी ट्रेन पकड़ने के लिए चौसा पहुंचते हैं। लेकिन सुविधाओं की कमी से उन्हें रोज कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। डॉ. मनोज कुमार यादव ने कहा कि जब तक मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं।

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प्रशासन और रेलवे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन स्थानीय स्तर पर यह प्रदर्शन काफी चर्चा में है। लोगों की उम्मीद है कि उनकी एकजुटता से मांगें पूरी होंगी और चौसा रेलवे स्टेशन को वह सम्मान मिलेगा जो इसके इतिहास और वर्तमान महत्व के अनुरूप है।

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