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बक्सर में बालू माफिया और ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत से सड़कें जाम, नियम तोड़ने वाले लफंगे चालक खुले आम घूम रहे

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बक्सर। यहां की सड़कों पर रोज़ का नजारा अब आम हो गया है—सैकड़ों बालू लदी गाड़ियां सही लेन में सही तरीके से चल रही हैं, नियम मान रही हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा लफंगे और माफिया-स्टाइल चालक खुलेआम गलत लेन में पासिंग करवा रहे हैं। ये लोग ट्रैफिक पुलिस, खनन विभाग और परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सिस्टम की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नतीजा? आये दिन सड़क हादसे, जाम और आम आदमी का जीना हराम।

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एक ट्रक चालक की कहानी इस पूरे सिस्टम की पोल खोलती है। फैजाबाद (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला यह चालक बिहार से बालू लादकर जाता है। उसकी बेटी की शादी 22 फरवरी को है। सोचा था कि अभी 5 दिन बाकी हैं, एक चक्कर और मार लें। लेकिन कल से जाम में फंसा हुआ है। गलत लेन में पासिंग करने वाली सैकड़ों गाड़ियां आगे जाने नहीं दे रही हैं। अब बताइए—वह कब फैजाबाद पहुंचेगा? कब अपनी बेटी की शादी में शामिल हो पाएगा? ये सब सिर्फ इसलिए क्योंकि कुछ लोग नियम तोड़कर, रिश्वत देकर, मिलीभगत करके आगे निकल रहे हैं।

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मैट्रिक परीक्षा के दिनों में यह जाम और खतरनाक हो गया। हजारों परीक्षार्थी जाम में फंस गए। कई घंटे की मशक्कत और कुछ गाड़ीवालों से नोकझोंक के बाद आखिरकार जाम कुछ हद तक खुला। लेकिन सवाल वही है—अगर सभी चालक सही लेन में चलें तो जाम क्यों लगेगा? दुर्घटना क्यों होगी?

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अघौगिक थाना और नया भोजपुर थाना की पुलिस जाम खुलवाने की कोशिश तो कर रही है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ज्यादातर चालान काटने तक सीमित रह जाती है। असली माफिया और मिलीभगत वाले लोग खुले आम घूम रहे हैं। प्रशासन के नाक के नीचे यह खेल चल रहा है।

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सड़कें आम जनता की हैं, माफिया की नहीं। नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। अगर प्रशासन सच में जनता के साथ है तो ऐसे लफंगों और मिलीभगत करने वालों पर सख्ती दिखाए। वरना हर जाम, हर हादसा और हर परीक्षार्थी का समय बर्बाद होने का जिम्मेदार सिस्टम खुद होगा।

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