बक्सर, 12 दिसंबर 2025: न्याय की राह को छोटा और सरल बनाने की दिशा में बक्सर जिले में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और उम्मीद है कि इससे सैकड़ों लंबित मामले आपसी समझौते से निपट जाएंगे। खास तौर पर अपराधिक मामलों को सुलह-सफाई के जरिए सुलझाने पर जोर दिया गया है, ताकि लोग बिना लंबी कानूनी लड़ाई के न्याय पा सकें। यह आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, और लोगों को नोटिस भेजकर जागरूक भी किया जा रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की प्रकोष्ठ में हाल ही में हुई बैठक में पूरे आयोजन का खाका तैयार किया गया। बैठक में अधिकारियों ने तय किया कि पक्षकारों को सुविधा देने के लिए विशेष व्यवस्था हो, जैसे नोटिस तामील और प्रचार रथों के जरिए जागरूकता। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने बताया कि यह आयोजन पूरे जिले के लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा, “लोगों को न्याय मिलना हमारा लक्ष्य है। लोक अदालत से न केवल समय बचेगा, बल्कि कोर्ट का बोझ भी कम होगा।” नेहा दयाल ने आगे जोड़ा कि अपराधिक मामलों को प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि कई मामले आपसी सहमति से सुलझ सकते हैं, जैसे छोटे-मोटे झगड़े या समझौता योग्य विवाद।

आयोजन की निगरानी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार हर्षित सिंह के नेतृत्व में हो रही है। हर्षित सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर बेंच पर निष्पक्षता बरती जाए और पक्षकारों को उचित मार्गदर्शन मिले। लोक अदालत के लिए कुल 13 बेंचों का गठन किया गया है। इनमें न्यायाधीशों के साथ पैनल अधिवक्ताओं को भी जोड़ा गया है, ताकि मामलों का शीघ्र और सरल समाधान हो सके। हर बेंच अलग-अलग श्रेणी के मुकदमों – जैसे अपराधिक, पारिवारिक, ट्रैफिक चालान, मोटर दुर्घटना मुआवजा और बैंक रिकवरी – की सुनवाई करेगी। अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार 500 से अधिक मामले निपट सकते हैं, जो पिछले आयोजनों से ज्यादा होगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत का महत्व आम आदमी के लिए बहुत बड़ा है। कोर्ट की लंबी कतारों में सालों इंतजार करने वाले लोग यहां एक ही दिन में अपना केस सुलझा सकते हैं। बिना किसी कोर्ट फीस के, आपसी सुलह से फैसला होता है, जो कानूनी रूप से मान्य होता है। बक्सर जैसे जिले में, जहां ग्रामीण इलाकों में छोटे विवाद आम हैं, यह आयोजन सौहार्द बढ़ाने का माध्यम बनेगा। एक स्थानीय वकील ने कहा, “पिछली लोक अदालत में कई परिवारों के झगड़े सुलझे थे। उम्मीद है इस बार भी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।” जिला प्रशासन ने प्रचार के लिए रथ रवाना किए हैं, जो गांव-गांव जाकर लोगों को बताएंगे कि कैसे वे अपना केस निपटा सकते हैं।

यह आयोजन बिहार में 2025 की चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का हिस्सा है, जो मार्च, मई और सितंबर के बाद दिसंबर में हो रही है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, पूरे देश में लाखों मामले निपटने का लक्ष्य है। बक्सर में भी पक्षकारों को नोटिस तामील करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई अवसर हाथ से न निकले। नेहा दयाल ने अपील की, “यदि आपका कोई मामला लंबित है, तो कल जरूर आएं। समझौता से ही सच्चा न्याय मिलता है।” हर्षित सिंह ने भी कहा कि यह लोक अदालत न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास है, जहां गरीब और जरूरतमंद को प्राथमिकता मिलेगी।
लोक अदालत से न केवल कोर्ट का कामकाज आसान होगा, बल्कि समाज में शांति भी बनी रहेगी। बक्सर के लोग इसकी सराहना कर रहे हैं, क्योंकि कई परिवार सालों से मुकदमों में उलझे हैं। यदि आपका कोई छोटा विवाद है, तो कल का दिन आपके लिए सुनहरा हो सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां लोग संपर्क कर सलाह ले सकते हैं। यह आयोजन न्याय के लोकतांत्रिक स्वरूप को मजबूत करेगा और बक्सर को न्यायसेवा का मॉडल जिला बनाने में मदद करेगा।
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