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बक्सर में तीन करोड़ की लागत से बनेगी 700 फीट की मजबूत सड़क: माल गोदाम तक राह होगी आसान

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बक्सर रेलवे स्टेशन से माल गोदाम तक जाने वाली सड़क की जर्जर हालत वर्षों से स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब रही है। भारी वाहनों की आवाजाही, धूल, और बरसात में कीचड़ ने इस मार्ग को मुश्किल बना दिया था। अब रेलवे विभाग ने तीन करोड़ रुपये की लागत से 700 फीट लंबी और 16 फीट चौड़ी सड़क के निर्माण की योजना बनाई है। यह परियोजना न केवल माल ढुलाई को सुगम बनाएगी, बल्कि राहगीरों को भी राहत देगी।

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परियोजना का विवरण

  • लागत: ₹3 करोड़
  • लंबाई: 700 फीट
  • चौड़ाई: 16 फीट
  • तकनीक: पुरानी रेलवे स्लीपर का उपयोग नींव के लिए, स्टोन डस्ट और कारपेटिंग के साथ।
  • उद्देश्य: माल गोदाम और रेलवे स्टेशन के बीच बेहतर संपर्क, दुर्घटनाओं में कमी, और धूल-कीचड़ से राहत।
  • स्थिति: टेंडर प्रक्रिया पूरी, निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

निर्माण की तकनीक

रेलवे इस सड़क को टिकाऊ और मजबूत बनाने के लिए विशेष तकनीक का उपयोग करेगा:

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  1. सड़क को समतल करना: गड्ढों को भरकर सतह को एकसमान किया जाएगा।
  2. रेलवे स्लीपर का उपयोग: पुरानी रेलवे पटरियों के स्लीपर नींव के रूप में बिछाए जाएंगे।
  3. स्टोन डस्ट और कारपेटिंग: स्लीपर के ऊपर स्टोन डस्ट और अन्य सामग्री डालकर सड़क को कारपेटिंग से मजबूत किया जाएगा।

इस तकनीक से सड़क बार-बार मरम्मत की जरूरत के बिना लंबे समय तक टिकाऊ रहेगी। रेलवे के आईओडब्ल्यू बी तिवारी ने बताया कि यह निर्माण माल गोदाम और रेलवे स्टेशन के बीच संपर्क को बेहतर करेगा और ट्रकों की आवाजाही से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करेगा।

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स्थानीय समस्याएँ और उनका समाधान

  • धूल और कीचड़: गर्मियों में उड़ती धूल से कर्मचारियों और ड्राइवरों को सांस लेने में तकलीफர

प्रभावित क्षेत्र

बक्सर रेलवे स्टेशन से माल गोदाम तक जाने वाली यह सड़क प्रतिदिन हजारों भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही का गवाह है। माल पर्यवेक्षक नीतीश दत्त सिंह के अनुसार, गर्मियों में धूल और बरसात में कीचड़ ने कर्मचारियों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। अस्थायी रूप से पानी का छिड़काव कर धूल को नियंत्रित किया जाता था, लेकिन यह समाधान अपर्याप्त था। नई सड़क के निर्माण से यह समस्या स्थायी रूप से हल होगी।

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ट्रैफिक का बढ़ता दबाव

हाल ही में बक्सर समाहरणालय रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक के बाद इस सड़क पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ गया है। इस सड़क का मजबूत होना अब और भी जरूरी हो गया था। रेलवे के इस कदम से न केवल माल ढुलाई सुगम होगी, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और रेलवे कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।

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सामाजिक और आर्थिक महत्व

  • बेहतर कनेक्टिविटी: माल गोदाम और रेलवे स्टेशन के बीच सुगम संपर्क से माल ढुलाई में तेजी आएगी।
  • दुर्घटना में कमी: मजबूत सड़क से ट्रकों के झटकों और गड्ढों से होने वाली दुर्घटनाएँ कम होंगी।
  • स्थानीय व्यापार को बढ़ावा: व्यापारियों को सामान की ढुलाई में आसानी होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
  • राहगीरों को राहत: धूल और कीचड़ से मुक्ति से पैदल चलने वालों का जीवन आसान होगा।
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तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह 700 फीट की सड़क बक्सर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना न केवल रेलवे स्टेशन और माल गोदाम के बीच संपर्क को बेहतर करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं को भी हल करेगी। रेलवे की विशेष तकनीक से बनी यह सड़क टिकाऊ और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करेगी। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने रेलवे प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि कार्य समय पर पूरा होगा।

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