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बक्सर पीपी रोड बस हादसा: हाई वोल्टेज तारों में फंसी बारातियों की बस, 35 की जान बची

Buxar PP Road bus accident
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बक्सर पीपी रोड बस हादसा ने मंगलवार सुबह शहर में हड़कंप मचा दिया। सुबह 8 बजे एक बारातियों से भरी बस कम ऊंचाई पर झूल रहे हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई, जिससे चिंगारियां और तेज आवाज के साथ अफरातफरी मच गई। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बस में सवार 30-35 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। बिजली आपूर्ति ढाई घंटे तक ठप रही, और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए।

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बक्सर पीपी रोड बस हादसा: क्या हुआ?

4 जून 2025 को सुबह 8 बजे, बलिया जा रही एक बस बक्सर के पीपी रोड पर हाई वोल्टेज तारों से टकरा गई। बस में 30-35 बाराती सवार थे। तारों से टकराने पर तेज चिंगारियां और धमाके जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि तारों की ऊंचाई पहले से ही कम थी, और इस स्थान पर पहले भी बड़े वाहन फंस चुके हैं।

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हादसे के दौरान बस का ऊपरी हिस्सा तारों में उलझ गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। सौभाग्यवश, तत्काल बिजली आपूर्ति बंद होने से बड़ा हादसा टल गया। हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि लोग ट्रांसफार्मर फटने की आशंका से डर गए।

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स्थानीय लोगों की तत्परता और बिजली आपूर्ति बंद

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने स्थिति को संभाला। उन्होंने बिजली विभाग को सूचना दी और बिजली आपूर्ति बंद कराने में मदद की। बस को तारों से सावधानीपूर्वक अलग किया गया, जिसके बाद यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। इस दौरान पीपी रोड और आसपास के इलाकों में करीब ढाई घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे स्थानीय दुकानदारों और निवासियों को परेशानी हुई।

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स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की धीमी प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई। निवासियों का कहना है कि अगर समय पर बिजली नहीं रोकी जाती, तो यह हादसा जानलेवा हो सकता था।

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बिजली विभाग की प्रतिक्रिया: चालक पर FIR की सूचना

बिजली विभाग के कनीय अभियंता अजीत ने बताया कि सूचना मिलते ही बिजली आपूर्ति रोकी गई और तकनीकी टीम मौके पर भेजी गई। उन्होंने दावा किया कि पीपी रोड से रोजाना स्कूली बसें गुजरती हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस बार बस की ऊंचाई अधिक होने और चालक की लापरवाही के कारण हादसा हुआ।

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अजीत ने कहा, “बस चालक ने सावधानी नहीं बरती, जिससे यात्रियों की जान खतरे में पड़ी। चालक और बस मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।” बिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि तारों की ऊंचाई की जांच की जाएगी। बक्सर जिला वेबसाइट पर बिजली संबंधी शिकायतों के लिए संपर्क नंबर (7033095837) उपलब्ध हैं।

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स्थानीय निवासियों की मांग: तारों की ऊंचाई बढ़ाओ

स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग से मांग की है कि पीपी रोड पर तारों की ऊंचाई बढ़ाई जाए और ट्रांसफार्मर की स्थिति की समीक्षा हो। निवासी रामजी प्रसाद ने कहा, “यहां तार इतने नीचे हैं कि बड़े वाहन अक्सर फंस जाते हैं। स्कूली बसें भी इसी रास्ते से गुजरती हैं। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो बड़ा हादसा हो सकता है।”

हिंदुस्तान टाइम्स की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, सैगिंग (झूलते) तारों के कारण पहले भी देश के कई हिस्सों में हादसे हो चुके हैं, जैसे ओडिशा के गंजम में 2020 का बस हादसा, जिसमें 10 लोग मारे गए थे।

पिछले हादसे और सुरक्षा चिंताएं

बक्सर में कम ऊंचाई वाले तारों की समस्या नई नहीं है। 2022 में गंगौली बांध के पास एक बस हाई टेंशन तारों की चपेट में आई थी, जिसमें आधा दर्जन लोग झुलस गए थे। नवभारत टाइम्स ने इस हादसे को बिजली विभाग की लापरवाही से जोड़ा था।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाई वोल्टेज तारों की न्यूनतम ऊंचाई 6 मीटर होनी चाहिए, लेकिन पीपी रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर यह मानक पूरा नहीं होता। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया कि सैगिंग तारों की शिकायतों को नजरअंदाज करने से हादसे बढ़ते हैं। बक्सर में इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं।

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बक्सर पीपी रोड बस हादसा ने बिजली विभाग की तैयारियों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि इस बार बड़ा हादसा टल गया, स्थानीय निवासियों की मांग और पिछले हादसों का इतिहास बताता है कि तारों की ऊंचाई और ट्रांसफार्मर की स्थिति को तुरंत ठीक करना जरूरी है।

बिजली विभाग को चाहिए कि वह तारों की ऊंचाई बढ़ाने और नियमित जांच के लिए ठोस कदम उठाए। साथ ही, बस चालकों और मालिकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। बक्सर के निवासी अब प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। इस हादसे पर नवीनतम अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें।


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