बक्सर, 24 दिसंबर 2025: बक्सर में लायंस क्लब के इंस्टॉलेशन कार्यक्रम में सेवा के महत्व पर गहन चर्चा हुई। स्पीकर ने कहा कि काम करने की आदत ही जीवन को संतोष देती है। उन्होंने बताया कि सेवा के क्षेत्र में बाधाएं आती हैं, लेकिन जब काम अच्छा लगने लगे तो सारी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। बक्सर जैसे छोटे स्थान पर भी सिविल सोसाइटी मजबूत है, जो सेवा के जज्बे से चलती है।

पीरो के एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्यायने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे हमेशा काम करते रहते हैं। बेरोजगारी का डर नहीं, बल्कि सेवा का भाव उन्हें प्रेरित करता है। उन्होंने श्रवण तिवारी और सुरेश संगम जैसे लोगों को सेवा के मंच से जोड़ने का जिक्र किया। लायंस क्लब से जुड़ने पर पैसा लगने की बात सामने आई, लेकिन स्पीकर ने कहा कि उन्होंने खुद पैसा देने की सोची। लेकिन क्लब ने सदस्य से कोई शुल्क नहीं लिया। बाद में पता चला कि इसमें थोड़ा खर्च होता है। सदस्य ने बिना बताए अपना पैसा दे दिया, क्योंकि उन्हें वहां का माहौल और काम अच्छा लगा।

पीरो के एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय ने बक्सर के लायंस क्लब्स का जिक्र किया। यहां 100 से 150 सदस्य हैं, और आसपास के कस्बों में भी ऐसे ही क्लब सक्रिय हैं। कुल मिलाकर सात-आठ क्लब हैं, जिनमें 60-70 लोग हर जगह पाए जाते हैं। इनका मकसद फोटो या दिखावा नहीं, बल्कि अपना पैसा लगाकर सेवा करना है। उन्होंने कहा कि बक्सर की सिविल सोसाइटी पांच-छह जिलों में सबसे मजबूत है। यहां गलियों से लेकर दिलों तक पहुंच है। नाम भूल जाएं, काम याद रहे तो वही असली पहचान है।

कार्यक्रम में कोविड पीरियड का जिक्र आया। एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय ने बताया कि वे तीन-चार साल बक्सर में रहे, लेकिन महामारी में दो साल काम करने का मौसमी अवसर नहीं मिला। फरवरी 2020 से मार्च 2021 तक और मई 2021 के बाद सितंबर तक काम रुका रहा। लेकिन जो समय मिला, उसका दिन-रात सदुपयोग किया। ईश्वर ने जो अवसर दिया, उसे व्यर्थ नहीं जाने दिया। लोकसभा, विधानसभा और पैक्स चुनावों के बीच भी विकास के काम किए।
एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय ने अपनी पोस्टिंग का जिक्र किया। नालंदा में सरकार ने काम दिया, हालांकि सिफारिश नहीं की थी। वहां बड़े इवेंट कराना सीखा। लोगों को लगता था कि सर कहां भेज दिया, लेकिन अब लगता है कि यह ईश्वर की योजना थी। गलत लगने वाली बातें बाद में सही साबित होती हैं। लायंस क्लब से जुड़ना भी उसी का हिस्सा लगता है। यह तीसरा इंस्टॉलेशन है, और मिलन का अवसर मिला।

कार्यक्रम में अविनाश का जिक्र आया। एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय ने कहा कि कोविड में काम कम कर पाए, लेकिन अब देरी हो रही है। लोग बोर हो रहे हैं, लेकिन सेवा से ऊर्जा मिलती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि क्लब्स में जुड़ें, क्योंकि यहां 100-200 सदस्य सेवा के लिए तैयार हैं। बक्सर में सिविल सोसाइटी का जज्बा काबिले तारीफ है।

लायंस क्लब के सदस्यों ने पीरो के एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय के शब्दों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सेवा से ही समाज मजबूत होता है। कार्यक्रम में करुणा पीरियड का जिक्र भी हुआ, जहां काम करने का मौका कम मिला, लेकिन जो मिला, उसे पूरा किया। पीरो के एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय का संदेश साफ था—काम महत्वपूर्ण है, नाम नहीं। बक्सर की यह पहल सेवा के क्षेत्र में नई मिसाल बनेगी।
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