बक्सर में इंडियन एक्स-सर्विसमेन मूवमेंट (IESM) ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाने के लिए एक भव्य बैठक और जुलूस का आयोजन किया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। बक्सर के मां मुंडेश्वरी अस्पताल में आयोजित इस बैठक में जिला IESM अध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में लगभग 200 पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं ने हिस्सा लिया।
ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की उपलब्धि
6-7 मई 2025 की रात को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिजबुल मुजाहिदीन के कैंपों को निशाना बनाया गया। भारतीय वायुसेना ने राफेल, सुखोई-30, और मिराज 2000 जैसे फाइटर जेट्स का उपयोग कर सटीक हमले किए, जिसमें ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों का भी इस्तेमाल हुआ। इस कार्रवाई में पाकिस्तान के सैकड़ों ड्रोन और सात एयरबेस भी नष्ट किए गए।

बक्सर IESM की बैठक
बक्सर में मां मुंडेश्वरी अस्पताल के सैनिक कार्यालय में आयोजित IESM की बैठक में जिला अध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने इस जीत को भारतीय सेना की शक्ति और संकल्प का प्रतीक बताया। मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट आर.बी. ओझा ने किया। बैठक में जिला के विभिन्न क्षेत्रों से आए 200 पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं ने हिस्सा लिया। डायरेक्टर डॉ. मेजर पी.के. पांडे ने कहा कि पाकिस्तान की सेना और सरकार में तालमेल की कमी उसे एक अनुशासनहीन देश बनाती है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बावजूद सीजफायर उल्लंघन का उदाहरण दिया।
पूर्व सैनिकों की प्रतिक्रिया
जिला उपाध्यक्ष विद्या सागर चौबे ने ऑपरेशन सिंदूर को अधर्म पर धर्म की विजय करार दिया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान द्वारा समर्थित चीनी ड्रोन और मिसाइलें भी भारतीय सेना के सामने नाकाम रहीं। सभापति कैप्टन बी.एन. पांडे ने पाकिस्तान को एक असुधार्य देश बताया, जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है। सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने कहा, “पाकिस्तान की जनता भुखमरी का सामना कर रही है, फिर भी वह आतंकवादियों को पनाह देता है और गीदड़भभकी देता रहता है।” ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की आतंकी मशीनरी को कमजोर किया है।
जुलूस और उत्सव
बैठक के बाद उत्साहपूर्ण माहौल में यह सभा एक जुलूस में बदल गई। जुलूस मां मुंडेश्वरी अस्पताल से शुरू होकर ज्योति चौक और वीर कुंवर सिंह चौक होते हुए वापस अस्पताल पर समाप्त हुआ। इस दौरान “भारत माता की जय”, “भारतीय सेना जिंदाबाद”, “पाकिस्तान मुर्दाबाद”, और “IESM बक्सर जिंदाबाद” के नारे गूंजे। ऑपरेशन में शहीद जवानों और नागरिकों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया, और राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। IESM बक्सर की गतिविधियां
पाकिस्तान की स्थिति
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति में ला दिया। पाकिस्तान ने परमाणु हमले की धमकी दी थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता की भीख मांग रहा है। पूर्व सैनिकों ने इसे पाकिस्तान की हार और भारतीय सेना की रणनीतिक जीत बताया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस ऑपरेशन की सराहना की, जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान में तबाही का मंजर है।
बक्सर IESM की बैठक और जुलूस ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को न केवल एक सैन्य जीत, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प का प्रतीक बनाया। भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई और वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत को प्रदर्शित किया। बक्सर के पूर्व सैनिकों ने इस जीत को गर्व के साथ मनाया और देश की एकता और सेना की बहादुरी को सलाम किया। भारतीय सेना की उपलब्धियां
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