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बक्सर: 20 साल बाद घंटाघर की घड़ी ने तोड़ी चुप्पी, ‘टन-टन’ की आवाज ने जगाई शहर की पुरानी यादें

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बक्सर, 15 दिसंबर 2025: शहर का दिल कहे जाने वाले वीर कुंवर सिंह चौक पर बना ऐतिहासिक घंटाघर करीब 20 साल बाद फिर से जीवंत हो गया। रविवार की शाम जब चारों दिशाओं में लगी विशालकाय घड़ियों ने समय बताना शुरू किया, तो ‘टन-टन’ की परिचित आवाज ने पूरे इलाके को चौंका दिया। वर्षों से खामोश पड़ी यह घड़ी अब फिर से शहर की धड़कन बन गई है। पुलिस चौकी पर स्थित इस घंटाघर की सुइयां थम चुकी थीं, और उसकी आवाज भी इतिहास के पन्नों में सिमट गई थी। लेकिन नगर परिषद की वर्तमान टीम ने इसे नई जिंदगी दी, और अब यह चौक शहर की पहचान को और मजबूत कर रहा है।

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बीच के इन दो दशकों में शहर बदला, निजाम आए-गए, सरकारें बदलीं, लेकिन इस घंटाघर पर किसी का ध्यान नहीं गया। फिर भी, इस परिसर में एक गैर-राजनीतिक संगठन की पहल पर स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा स्थापित हुई, और जगह वीर कुंवर सिंह चौक के नाम से मशहूर हो गई। चौक शहर का मुख्य प्रवेश द्वार है, जहां से हजारों श्रद्धालु रामरेखा घाट, बक्सर किला, नाथ बाबा मंदिर और नौलखा मंदिर की ओर जाते हैं। लेकिन घंटाघर की घड़ी की खामोशी शहरवासियों के दिल में एक खलल पैदा कर रही थी। अब सभापति कमरून निशा के निर्देश पर पिछले कई महीनों से जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा था। इसी सिलसिले में पुरानी घड़ियों को हटाकर नई लगाई गईं, और टन-टन की आवाज के लिए आधुनिक साउंड सिस्टम इंस्टॉल किया गया, जिसमें चारों तरफ छोटे हॉर्न लगे हैं।

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रविवार शाम जब घड़ी ने पहली बार ‘टन-टन’ की, तो वहां मौजूद लोग ठहर गए। समाजसेवी ओम जी यादव ने कहा, “मैंने तो कभी इस घंटाघर की घड़ी की आवाज नहीं सुनी थी। आज जब टन-टन गूंजी, तो दिल खुश हो गया। नगर परिषद शहर के लिए अच्छा काम कर रही है, इसके लिए धन्यवाद।” उनकी बात में शहर की पुरानी यादें झलक रही थीं। चेयरमैन प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरीदी ने बताया कि वीर कुंवर सिंह चौक शहर का हृदय स्थल है। “यहीं से रोज हजारों लोग धार्मिक स्थलों की ओर जाते हैं। घड़ी की शिकायत कई गणमान्य लोगों ने की थी। हमने शहर की सुंदरता, विकास और लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर यह काम किया। फिलहाल टेस्टिंग चल रही है, जल्द पूरा हो जाएगा।”

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यह घंटाघर की वापसी सिर्फ एक मरम्मत नहीं, बल्कि शहर की आत्मा की जागृति है। कमरून निशा की अगुवाई में नगर परिषद ने इसे संभव बनाया। अब जब घड़ी समय बताएगी, तो शहरवासी अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस करेंगे। ओम जी यादव जैसे लोग इसे शहर की प्रगति का प्रतीक मान रहे हैं। नियामतुल्लाह फरीदी ने कहा कि आने वाले दिनों में चौक को और आकर्षक बनाया जाएगा। यह घटना दिखाती है कि छोटी-छोटी चीजें शहर की पहचान को कितना मजबूत करती हैं।

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