ईद-उल-जोहा (बकरीद) 2025 के अवसर पर बक्सर जिला प्रशासन ने साम्प्रदायिक सौहार्द और विधि व्यवस्था के संधारण के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला पदाधिकारी (DM) बक्सर, डॉ. विद्यानंद सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) बक्सर, शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से नगर भवन, बक्सर में प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग की। इस दौरान पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

ईद-उल-जोहा (बकरीद) 2025 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने के लिए बक्सर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला पदाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह ने बताया कि बकरीद सामाजिक समरसता, बलिदान, और एकता का प्रतीक है। इसे ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था: दण्डाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती
बकरीद 2025 के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए निम्नलिखित सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं:
- दण्डाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी: कुल 99 दण्डाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं।
- गश्ती दल: 25 गश्ती दल, जिसमें दण्डाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं, जिले में सक्रिय रहेंगे।
- जोनल दण्डाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी: 2 जोनल टीमें समग्र निगरानी और समन्वय के लिए तैनात की गई हैं।
- दंगा नियंत्रण दल: परिचारी प्रवर पुलिस केंद्र, बक्सर द्वारा ब्रज वाहन के साथ दंगा नियंत्रण पार्टी बक्सर नगर थाना और डुमराँव थाना में तैनात रहेगी, जो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्य करेगी।
- जिला नियंत्रण कक्ष: समाहरणालय परिसर में जिला आपदा शाखा भवन में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका संपर्क नंबर 06183-223333 है।
पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने सभी थानाध्यक्षों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को नमाज के समय मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास स्वयं गश्त करने का निर्देश दिया है।
आवश्यक सुविधाएं: साफ-सफाई, बिजली, और पेयजल
जिला प्रशासन ने बकरीद के दौरान जन सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की हैं:
- साफ-सफाई: सभी कार्यपालक पदाधिकारी, नगर निकाय बक्सर को ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास पर्याप्त साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
- विद्युत आपूर्ति: कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, बक्सर को पर्व के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति का निर्देश दिया गया है।
- पेयजल व्यवस्था: कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, बक्सर और नगर निकाय के पदाधिकारियों को सुगम स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।

यातायात और आपातकालीन सेवाएं
- यातायात प्रबंधन: पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), बक्सर को पर्व के दौरान सुचारू यातायात प्रबंधन का निर्देश दिया गया है, ताकि नमाज और अन्य गतिविधियों में कोई बाधा न आए।
- चिकित्सा सुविधाएं: असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, बक्सर को सदर अस्पताल बक्सर, अनुमंडलीय अस्पताल डुमराँव, और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों, दवाओं, और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
- अग्निशमन सेवाएं: जिला अग्निशमन पदाधिकारी, बक्सर को समाहरणालय, मॉडल थाना बक्सर, और डुमराँव थाना में एक-एक फायर ब्रिगेड वाहन तैयार हालत में रखने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया और असामाजिक तत्वों पर निगरानी
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी, बक्सर/डुमराँव को साइबर सेनानी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सोशल मीडिया पर निगरानी रखने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। हिंदुस्तान के अनुसार, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान अन्य जिलों में भी लागू है।
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पशु क्रूरता निवारण और कुर्बानी की निगरानी
बकरीद के दौरान मुस्लिम समुदाय द्वारा पशुओं की कुर्बानी की परंपरा को देखते हुए, प्रशासन ने निम्नलिखित उपाय किए हैं:
पशु क्रूरता निवारण: जिला पशुपालन पदाधिकारी, बक्सर को सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को रात्रि में प्रखंड मुख्यालय में रहकर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
कुर्बानी की निगरानी: सभी थानाध्यक्ष, प्रखंड विकास पदाधिकारी, और अंचलाधिकारी को पशुओं के रख-रखाव, खरीद-बिक्री, परिवहन, और तस्करी पर नजर रखने के लिए कहा गया है। शरारती तत्वों द्वारा पशु के मांस या खून को धार्मिक स्थलों पर फेंककर साम्प्रदायिक कटुता फैलाने की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश है।
कानूनी अनुपालन: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत किसी भी अवैध या क्रूर कुर्बानी की स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन (100/112) या स्थानीय पशु सुरक्षा समूहों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
जिला प्रशासन ने उन क्षेत्रों को चिह्नित किया है जहां दोनों समुदायों के धार्मिक स्थल एक-दूसरे के समीप हैं या मिश्रित आबादी है। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी और गश्त का निर्देश दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बक्सर/डुमराँव को अपने क्षेत्र में विधि व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दैनिक भास्कर के अनुसार, इस तरह की सतर्कता अन्य जिलों में भी बकरीद के दौरान लागू की जा रही है।
ईद-उल-जोहा (बकरीद) 2025 बक्सर के लिए सामाजिक समरसता और भाईचारे का अवसर है। जिला प्रशासन की व्यापक तैयारियां और सामुदायिक सहयोग से यह पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होने की उम्मीद है। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना जिला नियंत्रण कक्ष (06183-223333) पर दें।
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