बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी ने 27 मई 2025 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के शिल्पकार पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Nehru) की 61वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। निलंबित जिला अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेहरू जी के स्वतंत्रता आंदोलन, लोकतंत्र स्थापना, और औद्योगिक विकास में योगदान को याद किया। डॉ. पांडे ने कहा कि नेहरू के मूल्य आज भी हमें मार्गदर्शन करते हैं, और उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।

बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में 27 मई 2025 को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कार्यकर्ताओं ने पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Nehru) के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। निलंबित जिला अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा, वरिष्ठ नेता प्रो. पीके मिश्रा, और अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए। सभा में नेहरू जी के स्वतंत्रता संग्राम, लोकतंत्र, और धर्मनिरपेक्षता के लिए योगदान पर प्रकाश डाला गया।
डॉ. मनोज पांडे का संबोधन
डॉ. मनोज पांडे ने अपने संबोधन में पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Nehru) को एक दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा, “नेहरू जी ने स्वतंत्रता आंदोलन, लोकतंत्र की स्थापना, और संविधान की नींव रखने में अपना जीवन समर्पित किया। वे नौ बार जेल गए और नौ वर्ष तक कारावास में रहे। उनकी नीतियों ने आजादी के बाद भारत में उद्योगों की स्थापना की, जो आज भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।” डॉ. पांडे ने जोर देकर कहा कि नेहरू के मूल्य—लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, और समावेशिता—आज भी प्रासंगिक हैं और हमें इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा।
पंडित नेहरू के मूल्य हमें हमेशा मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनकी विरासत को गांव-गांव तक ले जाना हमारा कर्तव्य है।
— डॉ. मनोज पांडे, निलंबित अध्यक्ष, बक्सर जिला कांग्रेस

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पंडित जवाहरलाल नेहरू का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान
पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Nehru) ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा ने कहा, “नेहरू जी ने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई में छक्के छुड़ाए। वे विश्व के ताकतवर नेताओं में शुमार थे, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला।” ब्रिटानिका के अनुसार, नेहरू ने 1920 के दशक से कांग्रेस के प्रमुख नेता के रूप में अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनआंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी पुस्तक “डिस्कवरी ऑफ इंडिया” ने भारतीय संस्कृति और इतिहास को विश्व के सामने प्रस्तुत किया।
नेहरू के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रो. पीके मिश्रा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Nehru) के योगदान को नई पीढ़ी तक ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “नेहरू जी ने ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन किया। हमें गांव-गांव में उनके कार्यों का प्रचार करना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले।” मिश्रा ने नेहरू के विज्ञान, शिक्षा, और औद्योगीकरण के प्रति दृष्टिकोण को आधुनिक भारत की नींव बताया। नेहरू ने IITs और AIIMS जैसे संस्थानों की स्थापना कर भारत को वैज्ञानिक दिशा दी।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
श्रद्धांजलि सभा में त्रिलोकी नाथ मिश्रा, संजय कुमार दुबे, पप्पू दुबे, श्रीमती निर्मला देवी, इंजीनियर राम प्रसाद द्विवेदी, गुप्तेश्वर चौबे, महेंद्र चौबे, बब्बन तुरहा, अजय यादव, कुमकुम देवी, रूनी देवी, और अन्य कार्यकर्ताओं ने नेहरू जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि नेहरू जी की नीतियां आज भी कांग्रेस की विचारधारा का आधार हैं। कार्यकर्ताओं ने उनके धर्मनिरपेक्षता और समावेशी दृष्टिकोण को आज के समय में और प्रासंगिक बताया। सभा में नेहरू के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Nehru) की 61वीं पुण्यतिथि पर बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी ने उनके स्वतंत्रता आंदोलन, लोकतंत्र, और औद्योगिक विकास में योगदान को याद किया। डॉ. मनोज पांडे, डॉ. प्रमोद ओझा, और प्रो. पीके मिश्रा ने नेहरू के मूल्यों को नई पीढ़ी तक ले जाने की अपील की। यह सभा न केवल नेहरू की विरासत को श्रद्धांजलि थी, बल्कि कांग्रेस की एकजुटता और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक भी थी। बक्सर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह प्रयास नेहरू के सपनों को साकार करने की दिशा में एक कदम है।
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