बक्सर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 79वीं पुण्यतिथि (30 जनवरी 2026) पर बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी ने अपने कार्यालय परिसर में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने की। सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के तैलचित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन से हुई। उपस्थित सभी लोगों ने गांधी जी के चित्र के समक्ष दो मिनट का मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया और अहिंसा, सत्याग्रह तथा सामाजिक न्याय के उनके सिद्धांतों को याद किया।

डॉ. मनोज पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायक ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सत्य, अहिंसा और मानवता के प्रतीक हैं। उन्होंने अपने विचारों और अहिंसक संघर्ष से भारत को आजादी दिलाई और यह साबित किया कि नैतिक शक्ति किसी भी सैन्य शक्ति से अधिक प्रभावी होती है। गांधी जी का जीवन शोषण, अन्याय और भेदभाव के खिलाफ समर्पित रहा। वे हमेशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते रहे और राजनीति को सेवा का माध्यम माना, न कि सत्ता का।
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डॉ. पांडे ने कहा कि आज के समय में गांधी जी के विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं। जब देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं, संविधान की मूल भावना पर चिंता जताई जा रही है और समाज को धर्म-जाति के नाम पर बांटने की कोशिशें हो रही हैं, तब गांधी जी का संदेश एकता, भाईचारा और सर्वधर्म समभाव का सबसे मजबूत आधार बनता है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें गांधी जी के नाम पर औपचारिक श्रद्धांजलि तो देती हैं, लेकिन उनके मूल सिद्धांतों—सत्य, अहिंसा, सामाजिक न्याय और समानता—को व्यवहार में नजरअंदाज कर रही हैं। नफरत और विभाजन की राजनीति गांधी के भारत के खिलाफ है।
जिला अध्यक्ष ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी की वैचारिक विरासत की सच्ची वाहक रही है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक कांग्रेस ने संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा की है। आज जब देश बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बदहाली और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, तब सरकार मूल मुद्दों से ध्यान हटाकर विभाजनकारी राजनीति पर जोर दे रही है, जो गांधीवादी सोच के विपरीत है।

डॉ. पांडे ने कहा कि युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, किसान कर्ज और लागत से परेशान हैं, महिलाएं सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, लेकिन सत्ता में बैठे लोग वास्तविक समस्याओं पर बात करने के बजाय समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। गांधी जी की आत्मा आज भी यही सवाल करती है कि क्या शासन गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के हित में हो रहा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि केवल शोक का दिन नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है। हमें संकल्प लेना होगा कि हम सत्य के साथ खड़े रहेंगे, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे और देश की एकता, लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए हर संघर्ष में शामिल होंगे। जब तक अन्याय और नफरत है, तब तक गांधी जी हर सच्ची आवाज और समाज को जोड़ने वाले संघर्ष में जीवित हैं।
कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा, डॉ. सत्येंद्र ओझा, त्रिजोगी नारायण मिश्रा, संजय कुमार दुबे, युवा कांग्रेस के पंकज उपाध्याय, महेंद्र चौबे, अजय यादव, राकेश यादव, बब्बन तुरहा, उपेंद्र ओझा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभा में सभी ने गांधी जी के आदर्शों को अपनाने और उनके सपनों के भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
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