Header Banner for support us by sending some ammount to provide better news

बक्सर: अहियापुर नरसंहार की काली छाया में रसेन गोलीबारी, अजीत परिवार पर नया संकट

buxar-ahiyapur-massacre-linked-rasen-shooting-ajit-family-threat
Join Now
Subscribe

बक्सर, 16 दिसंबर 2025: बिहार के बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में अहियापुर गांव के निवासी अजीत कुमार यादव का परिवार एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। मंगलवार शाम करीब 5 बजे रसेन क्षेत्र में हुई गोलीबारी में दो लोगों को गोली लगी, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति के पैर में गोली लगी है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस ने बिना किसी सूचना के अजीत के घर से उनके भाई सोनू को जबरन हिरासत में ले लिया। अजीत ने इसे पुराने अहियापुर नरसंहार से जुड़ी साजिश बताया है, जहां 23 दिसंबर को सिविल कोर्ट में केस की चार्जशीट दाखिल होने वाली थी। परिवार को धमकियां मिल रही हैं, और अब वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, एसपी शुभम आर्य, डीआईजी और डीजीपी विनय कुमार से सीबीआई जांच, एसटीएफ को केस सौंपने की और सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं।

Advertisements

यह घटना 24 मई 2025 को अहियापुर गांव में हुए खौफनाक नरसंहार की याद दिला रही है। उस दिन बालू के विवाद में दो पक्षों के बीच झड़प इतनी हिंसक हो गई कि पांच लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग हुई। इसमें अजीत के पिता वीरेंद्र सिंह, चाचा विनोद सिंह और सुनील सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य घायल हुए, जिनमें से एक आजीवन अपाहिज हो गया। अजीत ने तत्काल 19 नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ राजपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। मुख्य आरोपी पूर्व जिला पार्षद अध्यक्ष सबिता देवी के पति मनोज यादव, उनके भाई संतोष यादव और बटेश्वर यादव थे। पुलिस ने कुछ आरोपियों को रिमांड पर लिया, लेकिन सात महीने बाद भी पांच मुख्य आरोपी फरार हैं। जिले में बुलडोजर एक्शन तक चला, लेकिन न्याय मिलना अभी भी एक दूर का सपना है। अजीत बताते हैं, “वह नरसंहार हमारे परिवार को बर्बाद कर गया। जेल में बंद आरोपी फोन से धमकियां देते हैं, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही।”

Join Now
Advertisements

धमकियों का सिलसिला: पैसे-जमीन के लालच से साजिश

अजीत के अनुसार, नरसंहार के बाद से परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। 23 दिसंबर को कोर्ट में चार्जशीट और गवाही की तारीख नजदीक आते ही धमकियां तेज हो गईं। “हमें कहा गया, केस वापस लो तो 2 करोड़ रुपये और 10 बीघा जमीन देंगे। मना करने पर 5 करोड़ और 15 बीघा का लालच दिया। हमने साफ मना कर दिया,” अजीत ने बताया। इसके बाद साजिश रंग लाई। मंगलवार की घटना को वे सुनियोजित मानते हैं। “रसेन में प्लान करके गोली चलाई गई। दो लोग मारे गए, एक घायल। हमारा बॉडीगार्ड भी मौजूद था, लेकिन पुलिस ने बिना नोटिस सोनू को घर से खींच लिया। थाने में मिलने भी नहीं दे रहे। यह केस कमजोर करने की चाल है।” परिवार का कहना है कि आरोपी जेल से फोन कर साजिश रच रहे हैं। अजीत ने कहा, “कल मेरा या किसी और का नंबर हो सकता है। जान का खतरा है।”

Advertisements

पुलिस ने घटना के बाद सोनू को हिरासत में ले लिया, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। एसपी शुभम आर्य से संपर्क करने पर उन्होंने कहा, “मामले की जांच चल रही है। सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।” लेकिन अजीत असंतुष्ट हैं। वे कहते हैं, “बिना जांच सोनू को क्यों उठाया? नरसंहार का केस अभी तक एसटीएफ को नहीं सौंपा गया। बक्सर पुलिस फेल हो चुकी है। पांच फरार अपराधी घूम रहे हैं, जेल वाले फोन से धमकाते हैं। क्या कर रही पुलिस?”

Advertisements

न्याय की गुहार: सीबीआई जांच और सुरक्षा की मांग

अजीत ने उच्च अधिकारियों से सीधी अपील की है। “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी से निवेदन है कि सीबीआई जांच हो। डीजीपी विनय कुमार सर, इस नरसंहार को एसटीएफ को सौंप दें। एसपी शुभम आर्य सर, डीआईजी सर से प्रार्थना है कि उचित कार्रवाई करें और परिवार को सुरक्षा दें। बॉडीगार्ड हैं, लेकिन काफी नहीं।” परिवार का डर जायज लगता है। सात महीने से न्याय का इंतजार, फरार अपराधी और नई हिंसा—यह सब कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोग कहते हैं, “अहियापुर का बदला लिया जा रहा है। गरीब परिवार न्याय के लिए तरस रहा है।”

Follow Us
Advertisements
Banner Ads

यह घटना बक्सर के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते अपराध को उजागर करती है। बालू माफिया और जमीन विवादों ने कई परिवार बर्बाद कर दिए। अजीत का संघर्ष सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उन सबका है जो न्याय के लिए लड़ रहे हैं। उम्मीद है कि उनकी पुकार सुनी जाएगी, वरना और खून बह सकता है। बक्सर प्रशासन को अब फैसला लेना होगा—क्या यह जंगलराज चलेगा, या कानून का राज कायम होगा?

Advertisements
Advertisements

Discover more from Jansanchar Bharat

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

You cannot copy content of this page

Discover more from Jansanchar Bharat

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading