बिहार: समस्तीपुर में भाजपा नेता रूपक सहनी की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने 24 घंटे में दो आरोपियों को दबोचा, थानाध्यक्ष निलंबित

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समस्तीपुर (बिहार)। बिहार के समस्तीपुर जिले में बुधवार शाम भाजपा के एक युवा नेता की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। मृतक रूपक सहनी (23 वर्षीय) भाजपा के बूथ अध्यक्ष और स्थानीय व्यवसायी थे। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि खानपुर थाने के थानाध्यक्ष को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

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घटना समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के शादीपुर घाट स्थित चौक पर हुई। बुधवार (24 दिसंबर 2025) को शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट पर चार से पांच बाइक सवार अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे रूपक सहनी पर अचानक ताबड़तोड़ गोली चलाने लगे। पांच गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन रूपक के सीने और सिर में लगीं। गोली चलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रूपक सहनी चाय पी रहे थे जब यह वारदात हुई।

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रूपक सहनी के भाई दीपक सहनी ने बताया कि उनके भाई किसी से निजी दुश्मनी नहीं रखते थे। दीपक सहनी खुद भाजपा के जिला आईटी सेल संयोजक और पूर्व मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह हत्या सोची-समझी साजिश लगती है। रूपक सहनी पंचायत स्तर पर सक्रिय थे और स्थानीय स्तर पर पार्टी के कामों में जुटे रहते थे। घटना के बाद परिजन उन्हें मोटरसाइकिल से पीएचसी खानपुर ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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घटना स्थल शादीपुर पुल से करीब 300 मीटर दूर है, जहां शाम का समय होने पर भी बाजार व्यस्त रहता है। लोगों का कहना है कि इतनी भीड़-भाड़ में अपराधियों का यह हौसला दिखना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इलाके में सन्नाटा पसर गया है। चौक-चौराहों पर लोग जमा हो गए और आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग पूछ रहे हैं कि अगर राजनीतिक कार्यकर्ता सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक कैसे रहें?

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पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की। समस्तीपुर के डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है। हत्या के कारणों की पड़ताल हो रही है, जिसमें आपसी रंजिश, कारोबारी विवाद या अन्य एंगल शामिल हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, शराब माफिया से जुड़े तत्वों का हाथ होने की आशंका है। पुलिस ने एसआईटी गठित की है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

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24 घंटे के अंदर पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष को निलंबित करने का फैसला लापरवाही के चलते लिया गया। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही पूरा मामला सुलझ जाएगा और अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। भाजपा ने इस हत्या की निंदा की है और न्याय की मांग की है।

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यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की बहस को फिर से हवा दे रही है। समस्तीपुर जैसे जिलों में अपराध की ऐसी वारदातें स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा रही हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ राहत मिली है, लेकिन लोग उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। जांच आगे बढ़ने के साथ और विवरण सामने आ सकते हैं।

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