बिहार में गंगा का जलस्तर संकट ने राज्य में हलचल मचा दी है। गंगा नदी का जलस्तर इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका गहरा गई है। वर्तमान में गंगा पिछले साल की तुलना में पांच मीटर अधिक ऊंचाई पर बह रही है, जबकि पटना में इसका जलस्तर दो मीटर तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सख्त हिदायत के बाद जल संसाधन विभाग ने गंगा और अन्य प्रमुख नदियों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। यह स्थिति बिहार के कई जिलों, खासकर बक्सर से कहलगांव तक, के लिए चिंता का विषय बन गई है।

जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि
गंगा का जलस्तर विभिन्न स्थानों पर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बक्सर में यह 53.40 मीटर पर बह रही है, जो 2024 के 48.60 मीटर से काफी ऊपर है। पटना के दीघा घाट पर पिछले 24 घंटों में 52 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई, और अब यह 46.13 मीटर पर है, जो पिछले साल के 44.11 मीटर से अधिक है। गांधीघाट पर जलस्तर 45.11 मीटर और हाथीदह में 37.57 मीटर दर्ज किया गया, जो क्रमशः 44.04 और 35.75 मीटर (2024) से ऊंचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पटना में जलस्तर हर घंटे दो सेंटीमीटर से अधिक बढ़ रहा है, जो स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
प्रभावित क्षेत्र और खतरे
बिहार में गंगा का जलस्तर संकट का असर दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव के तटीय इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। दियारा क्षेत्रों और निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है, जिससे खेत जलमग्न हो गए हैं। कई गांवों में लोगों को अपने घरों से पलायन करना पड़ सकता है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है, क्योंकि बाढ़ का पानी और फैलने की आशंका है।
अन्य नदियों का उफान
नेपाल में लगातार बारिश का असर बिहार की अन्य नदियों पर भी पड़ा है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंडक नदी गोपालगंज में चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, जबकि कोसी सुपौल में खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। बागमती और बूढ़ी गंडक पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि इन नदियों का उफान बाढ़ को और भयावह बना सकता है।
प्रशासन की तैयारियां
बिहार में गंगा का जलस्तर संकट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बचाव और राहत कार्यों में तेजी ला दी है। संवेदनशील तटबंधों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, और जल संसाधन विभाग की टीमें स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। पटना, मुंगेर, भागलपुर सहित कई जिलों में अस्थायी राहत शिविर तैयार किए गए हैं। नावों की तैनाती और निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की अनियमितता और नेपाल में भारी वर्षा के कारण बिहार में गंगा का जलस्तर संकट अगले कुछ दिनों तक और गहरा सकता है। वे चेतावनी दे रहे हैं कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो बाढ़ का खतरा और बढ़ेगा। लोगों से अपील की जा रही है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।
बिहार में गंगा का जलस्तर संकट राज्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। जलस्तर में वृद्धि और अन्य नदियों का उफान बाढ़ की विभीषिका को बढ़ा सकता है। प्रशासन की तैयारियां laudable हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। क्या राज्य सरकार इस संकट से निपटने में सफल होगी? अधिक जानकारी के लिए जल संसाधन विभाग बिहार और हमारी समाचार सेक्शन देखें।
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