बक्सर, 12 दिसंबर 2025: जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल मुक्तिधाम में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सदर विधायक आनंद मिश्रा ने गुरुवार को जमकर हंगामा बरपाया। पूर्व आईपीएस अधिकारी से विधायक बने आनंद मिश्रा ने खुद निर्माण स्थल का दौरा किया और वहां की हालत देखकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उनका कहना है कि बिना किसी स्पष्ट योजना के हो रहे ये काम न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि जनता के पैसे का दुरुपयोग भी तोड़ रहे हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चर्चा छेड़ दी है, जो लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को लेकर चिंतित थे।
मुक्तिधाम बक्सर का एक महत्वपूर्ण पर्यटन और धार्मिक केंद्र है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं। यहां शेड, चहारदीवारी और सीमेंटेड कुर्सियों जैसे कार्यों के लिए सरकारी फंड आवंटित किया गया था। लेकिन विधायक के निरीक्षण में सामने आया कि कार्य स्थल पर प्राक्कलन बोर्ड तक नहीं लगा है। यह बोर्ड निर्माण की अनुमानित लागत, समयसीमा और ठेकेदार की जानकारी देता है, जो पारदर्शिता का मूल मंत्र है। आनंद मिश्रा ने इसे सीधे भ्रष्टाचार की जड़ बताया। उन्होंने कहा, “निर्माण स्थल पर प्राक्कलन बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जो साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन है और इससे भ्रष्टाचार की आशंका पैदा होती है।”

निरीक्षण के दौरान विधायक ने शेड के निर्माण को देखा, जहां दीवारें टेढ़ी-मेढ़ी लग रही थीं और सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध थी। चहारदीवारी का काम भी अधर में लटका नजर आया, जबकि सीमेंटेड कुर्सियां बनाने का तरीका ऐसा था मानो जल्दबाजी में कुछ भी कर दिया गया हो। मिश्रा ने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर ये काम इतनी लापरवाही से क्यों हो रहे हैं? उनका गुस्सा इतना भड़का कि मौके पर मौजूद इंजीनियरों और ठेकेदारों को तत्काल स्पष्टीकरण देना पड़ा। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “विधायक साहब का आना ही काफी था। हम लोग तो महीनों से शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई सुनता नहीं था। अब शायद कुछ सुधार हो।”

आनंद मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा, “कार्य करने का यह तरीका बिल्कुल गलत है और इससे स्पष्ट होता है कि जिम्मेदार विभाग लापरवाही बरत रहा है।” उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों का पूरा विवरण – जैसे बजट, प्रगति रिपोर्ट और ठेकेदार का नाम – तुरंत सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, गुणवत्ता पर किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि बोर्ड लगाने और कार्यों में सुधार न हुआ, तो मामला उच्च स्तर पर ले जाया जाएगा। विधायक ने चेतावनी दी, “यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। जनता का पैसा बर्बाद नहीं होने दूंगा।”
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यह घटना बक्सर जिले में सुशासन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। आनंद मिश्रा, जो हाल ही में विधायक चुने गए हैं, ने अपनी पुलिस बैकग्राउंड का पूरा फायदा उठाते हुए फील्ड विजिट को प्राथमिकता दी है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इससे न केवल मुक्तिधाम का निर्माण तेज होगा, बल्कि अन्य सरकारी प्रोजेक्ट्स में भी पारदर्शिता आएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में प्राक्कलन बोर्ड लगाने और कार्यों की समीक्षा की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित रहेंगे या जमीन पर उतरेंगे? विधायक की इस पहल से जिले के लोग उत्साहित हैं, क्योंकि इससे विकास कार्यों में विश्वास बढ़ेगा।
मुक्तिधाम जैसे स्थलों का सही विकास न केवल आस्था को मजबूत करता है, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। यदि पारदर्शिता सुनिश्चित हुई, तो बक्सर का यह स्थल और भी आकर्षक बनेगा। आनंद मिश्रा की यह कार्रवाई उनके वादों को साकार करने का पहला कदम लग रही है। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी सक्रियता की उम्मीद है।
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