भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांचवें और आखिरी टी20 मैच में भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने धमाकेदार बल्लेबाजी से एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंदों (528) में 1000 रन पूरे कर लिए, जो फुल-मेम्बर टीमों (शीर्ष 10 देशों) के किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे तेज उपलब्धि है। इस दौरान उन्होंने अपने कप्तान सूर्यकुमार यादव (573 गेंदें) और इंग्लैंड के फिल सॉल्ट (599 गेंदें) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों में सबसे कम पारियों में 1000 रन के मामले में वे विराट कोहली (27 पारियां) से चूक गए, लेकिन 28 पारियों में यह मुकाम हासिल कर दूसरे स्थान पर आ गए। मैच में अभिषेक को दो जीवनदान मिले, लेकिन उनकी आक्रामक शैली ने फिर से साबित कर दिया कि वे टी20 का नया सितारा बन चुके हैं।
सबसे तेज 1000 टी20 रन: अभिषेक की आंधी ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड
गाबा स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में अभिषेक ने सिर्फ 11 रनों की जरूरत थी और उन्होंने 7 गेंदों में ही यह मुकाम हासिल कर लिया। यह उपलब्धि उनके आक्रामक अंदाज का प्रमाण है – 1000 रनों में उन्होंने 96 चौके और 66 छक्के लगाए हैं, जो स्ट्राइक रेट 170 से ऊपर का दर्शाता है। पहले यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम था, लेकिन अभिषेक ने 45 गेंदें कम लेकर नया मानक स्थापित कर दिया। फुल-मेम्बर टीमों में टॉप 5 इस प्रकार है:
| खिलाड़ी का नाम | गेंदें |
|---|---|
| अभिषेक शर्मा | 528 |
| सूर्यकुमार यादव | 573 |
| फिल सॉल्ट | 599 |
| ग्लेन मैक्सवेल | 604 |
| आंद्रे रसेल / फिन एलेन | 609 |
यह रिकॉर्ड अभिषेक की लगातार फॉर्म का नतीजा है। हाल ही में एशिया कप 2025 में वे टॉप स्कोरर थे, और इस सीरीज में भी वे रन चार्ट्स पर राज कर रहे हैं। एक क्रिकेट विशेषज्ञ ने कहा, “अभिषेक की पावरप्ले में स्ट्राइक रेट 200 के पार है। वे कोहली की तरह कंसिस्टेंट हैं, लेकिन एबॉट के साथ एक्सप्लोसिव।”
कोहली का रिकॉर्ड चूका, लेकिन भारतीयों में दूसरा स्थान पक्का
भारतीय बल्लेबाजों के बीच सबसे कम पारियों में 1000 रन का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है, जिन्होंने 2010 में 27 पारियों में यह हासिल किया था। अभिषेक ने 28 पारियों में यह मुकाम छुआ, जो केएल राहुल (29) और सूर्यकुमार यादव (31) से बेहतर है। रोहित शर्मा को तो 40 पारियां लगीं। अगर अभिषेक ने एक पारी पहले यह कर लिया होता, तो कोहली का रिकॉर्ड भी टूट जाता। लेकिन यह उपलब्धि भी कम नहीं – डेब्यू के सिर्फ 15 महीनों में (जुलाई 2024 से) उन्होंने दो शतक और छह अर्धशतक ठोके हैं।
भारतीय क्रिकेट में ओपनर्स की कमी रही है, लेकिन अभिषेक ने शुभमन गिल के साथ मिलकर पावरप्ले को मजबूत बनाया है। पूर्व कोच ने कहा, “कोहली ने स्थिरता दी, अभिषेक स्पीड ला रहे हैं। वनडे और टेस्ट में भी वे ओपनिंग कर सकते हैं।”
दो जीवनदान मिले, फिर भी अभिषेक ने बोला धमाका
मैच की शुरुआत में अभिषेक को भाग्य का साथ मिला। पहले ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने जोश हेजलवुड के खिलाफ शानदार चौका लगाया। अगली गेंद पर बड़ा शॉट खेला, लेकिन गेंद ग्लेन मैक्सवेल के हाथों से छूट गई। फिर चौथे ओवर में नाथन एलिस की गेंद पर फाइन लेग पर टिम डेविड ने ड्रॉप कर दिया। तब अभिषेक 11 रन पर थे। इन ड्रॉप्स के बावजूद उन्होंने 13 गेंदों में 23 रन (1 चौका, 1 छक्का) ठोके। शुभमन गिल ने 16 गेंदों में 29 रन (6 चौके) बनाए, और भारत ने 4.5 ओवर में बिना विकेट खोए 52 रन ठोक दिए।
अभिषेक की आक्रामकता ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। वे टी20 रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज हैं, और यह फॉर्म उन्हें व्हाइट बॉल क्रिकेट का चेहरा बना सकता है।
मैच रुका: बारिश ने रोकी भारत की रौनक
मैच में भारत को बल्लेबाजी का न्योता मिला, लेकिन 4.5 ओवर के बाद खराब मौसम ने खेल रोक दिया। आंधी, बारिश और बिजली की चमक के डर से अंपायर ने खिलाड़ियों को डगआउट भेज दिया। दर्शकों को भी शेड में शरण लेने को कहा गया। अगर मैच पूरा होता, तो अभिषेक और गिल बड़ा स्कोर बना सकते थे। इससे पहले सीरीज 2-1 से भारत आगे था, और यह मैच ऑस्ट्रेलिया के लिए लेवल करने का मौका था।
टीम में संजू सैमसन (995 रन) और तिलक वर्मा (991 रन) 1000 रन से चंद कदम दूर हैं, लेकिन वे प्लेइंग इलेवन में नहीं थे। अभिषेक का यह रिकॉर्ड सीरीज को यादगार बना गया।
अभिषेक का सफर: युवा सितारे की उड़ान
अभिषेक शर्मा, पंजाब के 24 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज, ने जुलाई 2024 में डेब्यू किया था। इंग्लैंड के खिलाफ 37 गेंदों में शतक (46 गेंदों में, गलती से) से शुरुआत की। एशिया कप 2025 में लीडर रहे। उनकी स्ट्राइक रेट और कंसिस्टेंसी ने कोहली-रोहित की तरह विरासत छोड़ने की उम्मीद जगाई। भविष्य में वे वनडे और टेस्ट ओपनिंग भी कर सकते हैं। एक फैन ने कहा, “अभिषेक ने कोहली का रिकॉर्ड चूका, लेकिन नया बनाया। वे अगली पीढ़ी के किंग हैं।”
यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय है। अभिषेक ने साबित किया कि युवा आक्रामकता से इतिहास रचा जा सकता है। सीरीज का अंत बारिश से हुआ, लेकिन अभिषेक की चमक बाकी रहेगी।
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