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बिहार में नई सरकार के बाद प्रशासनिक सुधारों का नया अध्याय: सुनील कुमार तिवारी को उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का निजी सचिव नियुक्त, गृह जिले में खुशी की लहर

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पटना, 4 दिसंबर 2025: बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर बदलावों का सिलसिला तेज हो गया है। नई सरकार की स्थापना के महज दो सप्ताह बाद ही बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के वरिष्ठ अधिकारियों की अहम नियुक्तियां हो रही हैं, जो राज्य के शासन तंत्र को और मजबूत करने का संकेत दे रही हैं। इसी कड़ी में, भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के तेघरा गांव के निवासी सुनील कुमार तिवारी को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का निजी सचिव (प्राइवेट सेक्रेटरी) नियुक्त किया गया है। BPSC की 42वीं बैच के इस तेज-तर्रार अधिकारी की यह तैनाती न सिर्फ उनके लंबे प्रशासनिक सफर का सम्मान है, बल्कि उनके गृह जिले भोजपुर में भी एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है। स्थानीय लोग इसे “अपने बेटे की सफलता” के रूप में देख रहे हैं, जो गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी।

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सुनील कुमार तिवारी का जन्म भोजपुर के छोटे से गांव तेघरा में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाले सुनील ने कड़ी मेहनत से 2000 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 42वीं सिविल सेवा परीक्षा पास की और प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। पिछले 25 वर्षों में उन्होंने विभिन्न जिलों में SDM, SDC और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर अपनी छाप छोड़ी है। उनके सहकर्मी उन्हें “समस्याओं का समाधान” कहते हैं – चाहे ग्रामीण विकास का मुद्दा हो या आपदा प्रबंधन। एक वरिष्ठ IAS अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सुनील सर हमेशा फील्ड वर्क पर जोर देते हैं। वे कागजों से ज्यादा लोगों के बीच रहना पसंद करते हैं।” उनकी यह नई जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के आदेश से प्रभावी हो गई है, जिसमें कुल पांच BAS अधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं।

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यह नियुक्ति खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सुनील तिवारी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पुराने और विश्वसनीय सहयोगी रहे हैं। 2018 में जब विजय सिन्हा पहली बार श्रम संसाधन विभाग में मंत्री बने, तब सुनील ने उनके निजी सचिव के रूप में काम शुरू किया। उस दौरान श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक नीतियों पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें सुनील की भूमिका सराहनीय रही। बाद में, जब विजय सिन्हा बिहार विधानसभा के अध्यक्ष बने, तो सुनील ने उनके साथ मिलकर सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग दिया। विपक्ष के नेता के रूप में भी सिन्हा के कार्यकाल में सुनील ने रणनीतिक सलाह दी। सबसे हालिया, कृषि मंत्री के पद पर रहते हुए भी सुनील उनके आप्त सचिव थे, जहां किसानों की आय दोगुनी करने वाली योजनाओं को अमल में लाने का काम हुआ। एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, “यह नियुक्ति विश्वास का प्रमाण है। नई सरकार में सिन्हा को भूमि और राजस्व विभाग मिला है, जहां सुनील जैसे अनुभवी अधिकारी की जरूरत साफ थी।”

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भोजपुर जिले में इस खबर ने खुशी की लहर दौड़ा दी है। तेघरा गांव में सुनील के पैतृक घर पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ बधाई दी। गांव के मुखिया रामाशीष पासवान ने बताया, “सुनील भाई बचपन से ही होनहार थे। वे गांव आते ही बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हैं। अब उपमुख्यमंत्री के साथ काम करेंगे, तो भोजपुर का नाम रोशन होगा।” स्थानीय स्कूल में एक विशेष सभा बुलाई गई, जहां युवाओं को BPSC की तैयारी के टिप्स दिए गए। भोजपुर के DM ने भी बधाई संदेश जारी किया, “यह हमारे जिले की गौरवगाथा है। सुनील सर जैसे अधिकारी राज्य सेवा का उदाहरण हैं।” यह घटना ग्रामीण बिहार के लिए एक संदेश है कि मेहनत और ईमानदारी से ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।

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नई सरकार के गठन के बाद यह नियुक्ति बिहार के प्रशासनिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव का हिस्सा है। 20 नवंबर को गांधी मैदान, पटना में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री बने। कुल 30 मंत्रियों वाली इस कैबिनेट में BJP को प्रमुख विभाग जैसे गृह, वित्त और स्वास्थ्य मिले, जबकि JD(U) ने ग्रामीण विकास और शिक्षा पर फोकस किया। प्रशासनिक नियुक्तियों का यह दौर राज्य में विकास की गति तेज करने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से नीतिगत निर्णयों में तेजी आएगी। एक रिटायर्ड IAS ने कहा, “BAS अधिकारियों को मंत्रियों के करीब रखना शासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करता है। सुनील तिवारी की नियुक्ति इसका बेहतरीन उदाहरण है।”

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सुनील कुमार तिवारी की यात्रा बिहार के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा के सपने देखते हैं। वे अक्सर कहते हैं, “प्रशासन सेवा है, सत्ता नहीं।” उनकी यह नई भूमिका निश्चित रूप से उपमुख्यमंत्री सिन्हा के विजन को साकार करने में सहायक होगी, खासकर भूमि सुधार और राजस्व संग्रह जैसे क्षेत्रों में। भोजपुर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सुनील सर जल्द ही जिले का दौरा करेंगे और स्थानीय मुद्दों पर बात करेंगे। यह नियुक्ति न सिर्फ एक अधिकारी की सफलता है, बल्कि पूरे बिहार के प्रशासनिक ढांचे के लिए एक नई शुरुआत।

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बिहार प्रशासनिक नियुक्तियां 2025: मुख्य बिंदु

  • कुल नियुक्तियां: 5 BAS अधिकारियों को मंत्रियों के निजी सचिव बनाया गया।
  • अन्य प्रमुख: रंजीत कुमार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का PS।
  • सुनील तिवारी का बैकग्राउंड: BPSC 42वीं बैच, 2000 से सेवा में।
  • विजय सिन्हा का विभाग: भूमि और राजस्व।
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(यह रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग के आधिकारिक आदेश और स्थानीय स्रोतों पर आधारित है। कोई अपडेट होने पर हम इसे ताजा करेंगे।)


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