बक्सर जिले में एक बार फिर सदर एसडीएम का विवादास्पद व्यवहार सुर्खियों में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है, जिसमें एसडीएम अपने आवास के सामने खड़े वाहनों को हटाने के दौरान कई लोगों को थप्पड़ मारते और गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं। यह घटना नाथ बाबा मंदिर के पास स्थित उनके आवास के बाहर हुई, जहां लोग अक्सर दर्शन-पूजन के लिए अपने वाहन खड़े करते हैं।

वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एसडीएम गुस्से में लोगों को गालियां दे रहे हैं और कई व्यक्तियों को थप्पड़ मार रहे हैं। इस दौरान एक व्यक्ति, जो अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ बाइक पर जा रहा था, भी उनकी चपेट में आ गया। गुस्से में धक्का देने के कारण बाइक समेत वह व्यक्ति गिर पड़ा, जिससे उसकी बच्ची के हाथ में चोट लग गई। वीडियो में रोती हुई बच्ची को देखकर भी एसडीएम का व्यवहार नहीं बदला। उन्होंने व्यक्ति को फटकार लगाते हुए बाइक लेकर जाने को कहा और फिर अपने आवास में चले गए।
घटना का कारण
जानकारी के अनुसार, एसडीएम का आवास नाथ बाबा मंदिर के पास है, जहां श्रद्धालु अपने वाहन खड़े करते हैं। कई बार उनके गार्ड इन वाहनों को हटवाते हैं, लेकिन कुछ लोग घंटों तक वापस नहीं लौटते। इस स्थिति से नाराज होकर एसडीएम ने खुद ही कार्रवाई शुरू कर दी, जो विवाद का रूप ले लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब एसडीएम का व्यवहार चर्चा में आया हो। इससे पहले भी उन पर एक महिला अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लग चुका है।

जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय ने कहा कि इस तरह का व्यवहार एक प्रशासनिक अधिकारी के लिए शोभा नहीं देता। उन्होंने इसे पद का दुरुपयोग करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, विश्वामित्र सेवा के शाहाबाद प्रभारी कृष्ण शर्मा ने इस घटना को अंग्रेजी शासन की याद दिलाने वाला बताया। उन्होंने घोषणा की कि इस अमर्यादित व्यवहार के खिलाफ सड़क मार्च और धरना आयोजित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर एसडीएम के आवास का घेराव भी किया जाएगा।
प्रशासन की चुप्पी
इस मामले में बक्सर के जिलाधिकारी (डीएम) विद्यानंद सिंह ने कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह देखना बाकी है कि इस मामले में वरीय अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।
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लोगों का गुस्सा, सोशल मीडिया पर बहस
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “लोकतंत्र में राजतंत्र” जैसा व्यवहार बताया है। कुछ लोगों ने प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर इस तरह के व्यवहार को कब तक बर्दाश्त किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही और व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घटना न केवल बक्सर के लिए बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक गंभीर सवाल है। एक ओर जहां देश अपनी आजादी की 78वीं वर्षगांठ मना रहा है, वहीं इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के मूल्यों पर सवाल उठाती हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और क्या दोषी अधिकारी के खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाया जाएगा।
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