बिहार के बक्सर जिले में भूमि संबंधी दस्तावेजों में त्रुटियों को सुधारने और नामांतरण प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत हुई है। शनिवार, 9 अगस्त 2025 को समाहरणालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर राजस्व महा अभियान 2025 का शुभारंभ किया। यह अभियान 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य रैयतों और भू-धारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इस लेख में हम इस अभियान की पूरी जानकारी सरल हिंदी में दे रहे हैं, ताकि पाठकों को इसके महत्व और प्रक्रिया की स्पष्ट समझ हो।

राजस्व महा अभियान का शुभारंभ
बक्सर के समाहरणालय परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में जिला पदाधिकारी ने राजस्व महा अभियान 2025 की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के सभी अंचलों और पंचायतों में घूमकर लोगों तक यह संदेश पहुंचाएगा: “जमीन के कागज में करें सुधार, राजस्व विभाग पहुंचा आपके द्वार।” इस अभियान का मुख्य लक्ष्य भूमि अभिलेखों में त्रुटियों को ठीक करना, नामांतरण और बंटवारा प्रक्रियाओं को सरल बनाना, और छूटी हुई जमाबंदियों को डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल करना है।
जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि यह अभियान बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की एक अनूठी पहल है, जिसके तहत ग्रामीणों को अपने घर पर ही भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की सुविधा मिलेगी। उन्होंने रैयतों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने दस्तावेजों को सुधारें ताकि भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सके।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य
राजस्व महा अभियान 2025 का उद्देश्य बक्सर जिले के रैयतों और भू-धारियों को उनकी जमीन से जुड़े दस्तावेजों में सुधार का अवसर प्रदान करना है। इस अभियान के तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
- डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार (परिमार्जन): नाम, खाता, खेसरा, रकबा, और लगान जैसी अशुद्धियों को ठीक करना।
- उत्तराधिकार नामांतरण: मृतक रैयतों के उत्तराधिकारियों के नाम पर जमाबंदी दर्ज करना।
- बंटवारा नामांतरण: संयुक्त जमाबंदी को आपसी सहमति, रजिस्टर्ड दस्तावेज, या कोर्ट के आदेश के आधार पर हिस्सेदारों के नाम पर अलग-अलग करना।
- छूटी हुई जमाबंदियों का डिजिटलीकरण: ऑफलाइन जमाबंदियों को ऑनलाइन रिकॉर्ड में शामिल करना।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह पारदर्शी होगा और सभी सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां लोग अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।
जागरूकता रथ: गांव-गांव पहुंचेगा संदेश
इस अभियान की सबसे खास बात है जागरूकता रथ, जो बक्सर जिले के सभी अंचलों और पंचायतों में भ्रमण करेगा। यह रथ ग्रामीणों को अभियान के बारे में जानकारी देगा और उन्हें अपने दस्तावेजों में सुधार के लिए प्रोत्साहित करेगा। रथ के माध्यम से न केवल लोगों को जागरूक किया जाएगा, बल्कि उन्हें आवेदन प्रपत्र और जमाबंदी की प्रतियां भी वितरित की जाएंगी।

जागरूकता रथ का संदेश है: “जमीन के कागज में करें सुधार, राजस्व विभाग पहुंचा आपके द्वार।” यह रथ प्रत्येक मौजा में जाकर लोगों को बताएगा कि वे अपने खाता, खेसरा, और रकबा से जुड़ी गलतियों को कैसे ठीक कर सकते हैं। इसके अलावा, रथ के साथ राजस्व कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे, जो ग्रामीणों को आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी देंगे।
अभियान की प्रक्रिया और शिविर
राजस्व महा अभियान 2025 दो चरणों में काम करेगा:
- घर-घर प्रपत्र वितरण (16 अगस्त से 15 सितंबर 2025): राजस्व विभाग की टीमें प्रत्येक मौजा में जाकर रैयतों को उनकी जमाबंदी की प्रति और आवेदन प्रपत्र वितरित करेंगी। लोग इन प्रपत्रों में अपनी जमीन से जुड़ी गलतियों को चिह्नित कर सकते हैं।
- विशेष शिविर (19 अगस्त से 20 सितंबर 2025): प्रत्येक पंचायत के सरकारी भवन या अन्य निर्धारित स्थानों पर हल्कावार शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोग अपने भरे हुए आवेदन प्रपत्र और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। प्रत्येक हल्का में कम से कम दो बार शिविर आयोजित होंगे, ताकि सभी को पर्याप्त समय मिले।
आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, लोग अपने दस्तावेज जैसे खतियान, खेसरा संख्या, लगान रसीद, आधार कार्ड, और उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो) साथ ला सकते हैं। परिमार्जन के आवेदन परिमार्जन प्लस पोर्टल पर और नामांतरण/बंटवारा के आवेदन e-Mutation Portal पर प्रोसेस किए जाएंगे।
जरूरी दस्तावेज
अभियान में भाग लेने के लिए रैयतों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाने होंगे:
- खतियान (जमाबंदी): जमीन का मूल दस्तावेज।
- खेसरा और रकबा विवरण: क्षेत्रफल और खेसरा नंबर से संबंधित जानकारी।
- लगान रसीद: बकाया लगान या अन्य रसीदें।
- पहचान पत्र: आधार कार्ड, राशन कार्ड, या अन्य वैध पहचान पत्र।
- उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र: उत्तराधिकार नामांतरण के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली।
- बंटवारा दस्तावेज: आपसी सहमति, रजिस्टर्ड बंटवारा, या कोर्ट आदेश।
इन दस्तावेजों के आधार पर राजस्व कर्मचारी त्रुटियों को सुधारेंगे और नामांतरण प्रक्रिया को पूरा करेंगे।
प्रशासन की भागीदारी
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने अभियान की सफलता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई और कहा कि यह पहल बक्सर के रैयतों के लिए एक सुनहरा अवसर है। जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अभियान के दौरान पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी रैयत को परेशानी न हो।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक पंचायत और हल्का स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत शिविरों की तारीख और स्थान की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी। यह जानकारी बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर भी उपलब्ध होगी।
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अभियान का महत्व
राजस्व महा अभियान 2025 बक्सर के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, क्योंकि यह ग्रामीणों को अपने घर पर ही जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान का मौका देता है। पहले रैयतों को अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। इस अभियान के जरिए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी सेवाएं पंचायत स्तर पर उपलब्ध हों, और लोग बिना किसी परेशानी के अपने दस्तावेज ठीक करा सकें।
यह अभियान न केवल भूमि विवादों को कम करेगा, बल्कि डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट करके भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी मदद करेगा। जिला पदाधिकारी ने कहा कि यह अभियान बक्सर के किसानों और भू-धारियों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
ग्रामीणों से अपील
जिला प्रशासन ने बक्सर के सभी रैयतों और भू-धारियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। जागरूकता रथ और शिविरों का लाभ उठाकर अपने जमीन के दस्तावेजों में त्रुटियों को सुधारें। ग्रामीण अपने पंचायत के मुखिया, सरपंच, या राजस्व कर्मचारियों से संपर्क करके शिविर की तारीख और स्थान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, biharbhumi.bihar.gov.in पर उपलब्ध राजस्व महा अभियान लिंक पर क्लिक करके भी सभी विवरण देखे जा सकते हैं।
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बक्सर में शुरू हुआ राजस्व महा अभियान 2025 जिले के रैयतों के लिए एक सुनहरा अवसर है। जागरूकता रथ के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचने वाला यह अभियान भूमि दस्तावेजों में त्रुटियों को सुधारने, नामांतरण, और बंटवारा प्रक्रियाओं को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 16 अगस्त से 20 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान में पंचायत स्तर पर शिविर और घर-घर प्रपत्र वितरण की सुविधा लोगों के लिए राहत लेकर आएगी। बक्सर के लोग इस अवसर का लाभ उठाकर अपने जमीन के कागजात को दुरुस्त कर सकते हैं और भविष्य के विवादों से बच सकते हैं। यह अभियान न केवल पारदर्शिता और सुगमता को बढ़ावा देगा, बल्कि बक्सर के ग्रामीणों के लिए एक नई शुरुआत भी साबित होगा।
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