बिहार के बक्सर जिले के चौसा प्रखंड में सोमवार दोपहर आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया, जिसने दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की जान ले ली और पाँच अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया और पूरे इलाके में हाहाकार मचा दिया।

चौसा में बिजली का तांडव
16 जून 2025 की दोपहर चौसा प्रखंड में अचानक मौसम ने करवट ली। तेज बारिश और बादलों की गर्जना के साथ आकाशीय बिजली ने ऐसी तबाही मचाई कि पूरे इलाके में कोहराम मच गया। दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा इतना भयावह था कि स्थानीय लोग सदमे में हैं और गाँवों में शोक की लहर दौड़ गई है।
दुर्गा मंदिर के पास हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौसा प्रखंड के दुर्गा मंदिर के पास गंगा तट थाना घाट पर सोमवार दोपहर रोज की तरह लोग एकत्र हुए थे। इनमें आठ लोग चौसा बाजार से आए थे। दोपहर करीब 2 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हुई, और सभी ने पास के एक पेड़ की छांव में शरण ली। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह पेड़ कुछ ही पलों में जीवन और मृत्यु का कारण बन जाएगा। एक जोरदार गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी, और सभी आठ लोग जमीन पर गिर पड़े। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन दृश्य इतना भयानक था कि कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।ग्रामीणों ने सभी को तुरंत सदर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन बीरेंद्र गोंड, पुत्र – स्व. सूरज गोंड, और मिथिलेश राम, पुत्र – बलिराम राम, को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाकी घायलों—सोनू राम, नीरज, अमित चौधरी, और अन्य—की हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना ने पूरे चौसा बाजार में शोक की लहर फैला दी।
नरवतपुर में भोला सिंह की दुखद मृत्यु
इसी दिन एक और हृदयविदारक घटना नरवतपुर गाँव में घटी। 50 वर्षीय भोला सिंह, पुत्र – बहादुर सिंह, अपने मवेशियों को चराने के लिए खेतों में गए थे। अचानक गिरी आकाशीय बिजली ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घर में खबर पहुँचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। भोला सिंह की अचानक मृत्यु ने उनके परिवार को आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया। गाँववाले इस हादसे से स्तब्ध हैं।
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घायलों की स्थिति: जिंदगी-मौत की जंग
बिजली की चपेट में आए पाँच घायल—सोनू राम, नीरज, अमित चौधरी, और दो अन्य—सदर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत गंभीर है, और इलाज जारी है। प्रशासन ने घायलों के लिए हर संभव चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। स्थानीय लोग घायलों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया: मुआवजा प्रक्रिया शुरू
घटना की सूचना मिलते ही चौसा प्रखंड प्रशासन और थानाध्यक्ष शम्भू भगत ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। प्रशासन ने आपदा राहत कोष से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चौसा के पूर्व मुखिया बृज बिहारी सिंह ने भी प्रशासन से घायलों के इलाज और मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता की माँग की।गाँव में शोक: प्रकृति की मारइस त्रासदी ने चौसा प्रखंड के गाँवों को गहरे शोक में डुबो दिया। हर आँख नम है, और हर चेहरे पर उदासी छाई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रकृति की मार न तो चेतावनी देती है और न ही किसी को बख्शती है। लोग अब ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि ऐसी विपदा दोबारा न आए। इस घटना ने एक बार फिर बिजली गिरने से बचाव के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों की जरूरत को उजागर किया है।
चौसा प्रखंड में आकाशीय बिजली से हुई इस त्रासदी ने न केवल कई परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि बिहार में बारिश के मौसम में बिजली गिरने की घटनाओं की गंभीरता को भी रेखांकित किया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बिजली गिरने की आशंका जताई है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि बारिश और गर्जना के दौरान पेड़ों या खुले मैदानों में शरण न लें। प्रशासन को भी बिजली गिरने से बचाव के लिए जागरूकता अभियान और बिजलीरोधक उपायों को बढ़ावा देना चाहिए। चौसा के लोग अब मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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